समाजवादी दंगल: अभी तक सुलह के आसार नहीं, पिछले 48 घंटों की 12 बड़ी बातें

नई दिल्ली। यूपी चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी में मचा घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है. पार्टी में चल रहे वर्चस्व की जंग के बीच आज अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह से मुलाकात की. मुलायम-अखिलेश की ये बैठक तकरीबन 90 मिनट तक चली लेकिन इसके बाद भी पार्टी में सुलह के संकेत नहीं मिल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक मुलायम टिकट बंटवारे का अधिकार अखिलेश को देने को तैयार है लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अड़े हुए हैं.

आपको बता दें कि सोमवार शाम मुलायम सिंह यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ही पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. लेकिन अध्यक्ष वो खुद बने रहना चाहते हैं. तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव चुनाव तक कमान अपने हाथ में रखना चाहते हैं. यानि सुलह की सूरत अभी तक नज़र नही आ रही है. जानें पिछले 48 घंटे में इस घमासान में हुईं 12 बड़ी बातें

1- अखिलेश औऱ मुलायम सिंह की आज सुबह करीब 90 मिनट की मुलाकात हुई. सूत्रों से खबर आई कि इस बैठक में मुलायम सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद रहने की बात पर अड़े रहे.

2- इससे पहले सोमवार को मुलायम सिंह ने कहा था कि पार्टी नही टूटेगी और अखिलेश यादव सीएम उम्मीदवार होंगे. मुलायम सिंह ने कहा कि एक शख्स है जो पार्टी में समस्या पैदा कर रहा है. उनका बेटे से कोई मतभेद नही.

3- आजम खान ने एबीपी न्यूज से बातचीत में सुलह के आसार कम है लेकिन उम्मीद अब भी बाकी है. अमर सिंह की ओर इशारा करते हुए आजम खान ने कहा कि अखिलेश की इमेज बहुत अच्छी है, फायदा किसी तीसरे का हो जाएगा.

4- इसी बीच चार बार यूपी के सीएम रहे सीनियर लीडर एनडी तिवारी ने मुलायम सिंह के नाम एक खत लिखते हुए उन्हें सुझाव दिया है कि वह अपने बेटे अखिलेश को सत्ता की कमान सौंप दें.

5- मुलायम सिंह ने एक सप्ताह में दूसरी बार चुनाव आयोग मुलाकात कर पार्टी पर अपना दावा ठोका.

6- मुलायम सिंह ने राज्यसभा को रामगोपाल यादव के निष्कासन की सूचना दी और कहा कि वो पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष नही रह सकते.   

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7- सोमवार को रामगोपाल यादव की अगुवाई में अखिलेश गुट भी चुनाव आयोग से मिला. मुलाकात के बाद रामगोपाल यादव ने कहा कि  “हमने उनसे चुनाव चिन्ह पर जल्द से जल्द फैसला लेने के लिए कहा है, क्योंकि 17 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी.”

8- चुनाव आयोग में पार्टी अधिवेशन की वैधता से शुरू हुआ मामला चुनाव चिह्न के दावे तक पहुंच गया. जिसपर अब आयोग को सुनवाई कर फैसला करना है.

9- पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर आयी कि मुलायम का बड़ा दांव खेल आजम को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बना सकते हैं

 10- इस बीच दोनों नही गुटों की अलग अलग बैठकें होती रहीं. लेकिन सुलह का फार्मूला नही निकल पाया.

 11- हमें घमासान के बीच रामगोपाल यादव ने कहा कि उनके लिए अखिलेश यादव ही पार्टी सिंबल हैं. पार्टी अखिलेश के नाम पर चुनाव लड़ेगी औऱ जीतेगी.

12- एसपी का अध्यक्ष मैं, अखिलेश हैं मुख्यमंत्री. मुलायम सिंह ने कहा कि वह अभी भी एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और एक गुट द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए गए फैसले फर्जी हैं. मुलायम ने मीडिया से कहा, “मैं पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं और रहूंगा. रामगोपाल को अधिवेशन बुलाने का अधिकार नहीं है.”

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