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अपने इतिहास को विस्मृत करने वाला राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता : राखी अग्रवाल

जन आन्दोलन बन चुका था स्वतंत्रता का आन्दोलन

लखनऊ। विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में शुक्रवार को अमृत महोत्सव ​समिति का शुभारम्भ किया गया। भारत माता और वीरांगना लक्ष्मीबाई के समक्ष दीप प्रज्जवलन व पुष्पांजलि के बाद कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गय। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप बोलते हुए वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रहीं राखी अग्रवाल ने कहा कि वह राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता जो राष्ट्र अपने इतिहास को विस्मृत कर जाता है। उन्होंने कहा कि हमें जो पढ़ाया जाता है वह इतिहास सत्य नहीं है। इतिहास को तोड़ मरोड़ कर लिखा गया। अब इतिहास पुनर्लेखन का कार्य किया जा रहा है।

राखी अग्रवाल ने कहा कि आज हमें पढ़ाया जाता है कि भारत की खोज वास्कोडिगामा ने किया है जबकि यह सत्य नहीं है। सत्य तो यह है कि वास्कोडिगामा एक जहाज का पीछा करते हुए यहां आया और यहां के व्यापारियों की हत्या का व्यापार करने लगा।

मुख्य अतिथि के रूप में हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के वरिष्ठ पत्रकार पीएन द्विवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता का आन्दोलन जन आन्दोलन था। स्वतंत्रता के आन्दोलन में समाज के हर वर्ग यहां तक कि गांव के साधारण किसान भी आजादी के आन्दोलन में प्रभावी ढ़ंग से सक्रिय थे। वाराणसी और प्रयाग के बीच दर्जनों गांवों के किसानों के योगदान की चर्चा करते हुए बताया कि किसानों ने गुरिल्ला युद्ध की तकनीकि से अंग्रेजों को भारत छोड़ने को मजबूर किया। पीएन द्विवेदी ने आजादी के आन्दोलन में वि​द्यार्थियों,पत्रकार व साहित्यकार व महिलाओं के योगदान पर चर्चा की।

विषय प्रस्तावना रखते हुए अमृत महोत्सव ​समिति के सदस्य बृजनन्दन राजू ने कहा कि सम्पूर्ण देश भारत की स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। ‘स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव’ का यह अवसर उन बलिदानियों, देशभक्तों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन का अवसर है जिनके त्याग और बलिदान के कारण हमें आजादी मिली। भारत का गौरवशाली एवं संघर्ष का इतिहास रहा है। हम कभी हारे नहीं। चाहे मुगल रहें हों या अंग्रेज हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहा। बृजनन्दन ने बताया कि हमारे देश के क्रान्तिकारियों व महापुरुषों ने जो मुगलों व अंग्रेजों से संघर्ष किया, उस संघर्ष को समाज के सामने लाना और उससे जन—जन को परिचित कराने का यह सुवअवसर है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एस.एन.शंखवार ने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों ने सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में जैसे चिकित्सकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सेवा की उसी तरह संघ के स्वयंसेवक भी समाज की सेवा करते रहे।
कार्यक्रम का संचालन अवधेश पांण्डेय ने किया। इस मौके पर राम औतार अग्रवाल,अमर बहादुर मौर्य,दिव्य शर्मा,अमरेन्द्र एडवोकेट,मनीष,एडवोकेट आशीष,संदीप चतुर्वेदी, विजय विश्वकर्मा और विशाल श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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