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IPL 2022: हार्दिक पांड्या ने एम एस धौनी की तरह कूल कप्तानी की छाप छोड़ी -कहा, मेरा परिवार मेरी ताकत

फाइनल मैच खत्म होने के चंद पलों बाद ही हार्दिक पांड्या आइपीएल की ट्राफी को यूं प्यार से सहेजते नजर आए मानों कोई पिता अपने बच्चे से लाड़ कर रहा हो। आखिर उनकी कड़ी मेहनत का ही फल था कि गुजरात टाइटंस अपने पहले ही सत्र में इस लोक लुभावनी लीग की विजेता बनी।

हार्दिक को उनकी पत्नी नताशा ने गले लगाया मानों विश्वास दिला रही हों कि बुरे दौर में उनके पीछे खड़ा रहने वाला परिवार अच्छे दिनों में भी उसी तरह उनके साथ है। अपने आलराउंड प्रदर्शन से फाइनल में टीम को जीत दिलाने वाले हार्दिक ने कहा, ‘मैं प्यार पर ही जीता हूं जो मुझे अपने परिवार से भरपूर मिलता है।’

चमकीले जैकेट और कान में हीरे के टाप्स पहनने वाले हार्दिक शुरुआती दिनों में ग्लैमर में डूबे युवा की तरह नजर आते थे, लेकिन एक लापरवाह युवा से जिम्मेदार कप्तान बनने तक का उनका सफर उनके जीवट की कहानी कहता है। पत्नी नताशा, बेटा अगस्त्य, भाई क्रुणाल और वैभव, भाभी पंखुड़ी उनकी ढाल की तरह रहे हैं। हार्दिक ने कहा, ‘नताशा काफी भावुक है और मुझे अच्छा करते देख बहुत खुश हो जाती है। उसने मेरे करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखें हैं और उसे पता है कि मैंने कितनी मेहनत की है। मेरा परिवार मेरी ताकत रहा है। मेरा भाई क्रुणाल, भाभी पंखुड़ी, दूसरा भाई वैभव। इन सभी ने कठिन दौर में भी मुझे मानसिक सकून दिया। मैंने फोन किया तो भाई और भाभी दोनों रो पड़े। ये खुशी के आंसू थे। मुझे पता है कि जब तक ऐसे लोग मेरे पीछे हैं, मैं अच्छा खेल सकता हूं।’

अपने छह साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में हार्दिक चैंपियंस ट्राफी 2017 फाइनल खेल चुके हैं और टी-20 विश्व कप 2016 तथा वनडे विश्व कप 2019 सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। नौ जून को दक्षिण अफ्र ीका के खिलाफ सीरीज के लिए वह नीली जर्सी में वापसी करेंगे और उनका लक्ष्य विश्व कप खिताब जीतना है। हार्दिक ने कहा, ‘भारत के लिए विश्व कप जीतना सपना है। मैं हमेशा से टीम को पहले रखता आया हूं और लक्ष्य टीम को आइसीसी खिताब दिलाना है।”

इससे पहले चार बार मुंबई इंडियंस के साथ आइपीएल खिताब जीत चुके हार्दिक ने गुजरात टाइटंस के साथ मिली कामयाबी को खास बताया। उन्होंने कहा, ‘यह खिताब खास है, क्योंकि मैंने बतौर कप्तान जीता है। इससे पहले 2015, 2017, 2019 और 2020 में मिले खिताब भी खास थे। मैं खुशकिस्मत हूं कि पांच बार आइपीएल खिताब जीता, लेकिन इस बार के खिताब से इतिहास बना है। हमें 1,10,000 लोगों का मैदान पर समर्थन मिला और अपनी कड़ी मेहनत का फल भी।’

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