टाटा मोटर्स और फोक्सवैगन के बीच नहीं होगी पार्टनरशिप!

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मुंबई। यूरोप की सबसे बड़ी कार कंपनी फोक्सवैगन और रेवेन्यू के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स के बीच पार्टनरशिप होने की संभावना नहीं है। दोनों कंपनियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फोक्सवैगन ग्रुप को स्कोडा और फोक्सवैगन कारों के लिए टाटा मोटर्स के एडवांस मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म (AMP) के इस्तेमाल से कॉस्ट को लेकर कोई बड़ा फायदा होने की उम्मीद नहीं है। इस वजह से यह पार्टनरशिप मुश्किल लग रही है।

जर्मनी के फोक्सवैगन ग्रुप को पार्टनरशिप के स्ट्रक्चर को लेकर भी दिक्कतें दिख रही हैं। एक सूत्र ने कहा कि एक अन्य चुनौती यह तय करने की है क्या पार्टनरशिप एक ज्वाइंट वेंचर, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग एग्रीमेंट या लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के जरिए होगी। फोक्सवैगन ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले टाटा मोटर्स के साथ पार्टनरशिप पर विचार शुरू किया था। कंपनी को इससे भारतीय मार्केट में दूसरों से मुकाबला करने में मदद मिलने की उम्मीद थी। इसके साथ पार्टनरशिप अन्य इमर्जिंग मार्केट्स में एक्सपोर्ट के लिए भारत का हब के तौर पर इस्तेमाल करने का जरिया भी बन सकती थी।

टाटा मोटर्स के सीईओ के जर्मन होने के कारण भी फोक्सवैगन ग्रुप को भारतीय कंपनी के साथ जुड़ने में मदद मिल सकती थी। फोक्सवैगन के लिए एक अन्य आकर्षण पुणे में टाटा मोटर्स का मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग बेस होना था, जो उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के पास है। इस योजना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, ‘दोनों कंपनियों के बीच सांस्कृतिक अंतर भी नजर आए थे और कॉस्ट को लेकर बेनेफिट भी कम होने का अनुमान था। फोक्सवैगन ग्रुप में पार्टनरशिप को लेकर आगे बढ़ने पर मतभेद हैं।’

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ऑटोमोबाइल मैगजीन ऑटोकार इंडिया ने खबर दी है कि फोक्सवैगन और टाटा मोटर्स के बीच पार्टनरशिप को लेकर बातचीत टूट सकती है। टाटा मोटर्स के साथ पार्टनरशिप के लिए बातचीत करने से पहले फोक्सवैगन ने इमर्जिंग मार्केट्स के लिए कुछ व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म की स्टडी की थी। कंपनी इसके जरिए यह पक्का करना चाहती थी कि भारत के लिए उसके मॉडल्स को नया रंग रूप दिया जाए और ये उसके एक्सपोर्ट के लिहाज से महत्वपूर्ण मार्केट मेक्सिको के लिए भी बेहतर हों।

हालांकि, इस पार्टनरशिप की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि फोक्सवैगन के कुछ सीनियर एग्जिक्यूटिव्स का अभी भी मानना है कि पार्टनरशिप से फायदा हो सकता है। इसके लिए वे एक बेहतर इंजीनियरिंग सॉल्यूशन पर विचार कर रहे हैं, लेकिन कॉस्ट कम करने पर भी जोर दिया जाएगा। इस बारे में संपर्क करने पर फोक्सवैगन इंडिया और टाटा मोटर्स का कहना था कि वे अभी तकनीकी और अन्य आधारों पर संभावित पार्टनरशिप पर विचार कर रही हैं। दोनों कंपनियों ने कहा कि वे सही समय पर इसके बारे में जानकारी देंगी।

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