Wednesday , December 12 2018

रामविलास पासवान के खिलाफ बेटी आशा ने भी खोला मोर्चा, ऐसे बयां किया दर्द…

रामविलास पासवान की बेटी आशा ने किया पिता के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान. (फाइल फोटो)

पटना।  एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान की मुश्किलें आगामी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में बढ़ सकती है. अब रामविलास पासवान की बेटी आशा पासवान ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आशा पासवान ने ऐलान किया है कि अगर उन्हें आरजेडी से टिकट दिया जाता है तो वह अपने पिता और पिता के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हूं.

आशा पासवान ने कहा कि अगर आरजेडी से टिकट मिलती है तो वह पिता रामविलास पासवान के खिलाफ हाजीपुर से चुनाव लड़ सकती है. आशा पासवान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिता ने हमेशा चिराग पासवान को ही आगे बढ़ाने का सोचा. आशा के अनुसार उनकी हमेशा अनदेखी की गई है. आशा ने कहा कि पिता ज्यादा कभी सुख-दुख में साथ नहीं दिया है.

घर में हमेशा से चिराग की ही चलती रही है. उन्हें कभी चिराग जैसी प्रमुखता नहीं मिली है. उनके अनुसार पिता ने उन्हें हमेशा नकारा है. आशा पासवान के साथ उनके पति अनिल साधु भी अब खड़े हैं.

Bihar Ram vilas Paswan daughter Asha want to contest against him from Hajipur

अनिल साधु ने भी रामविलास पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अनिल साधु पिछले चुनाव में ही आरजेडी में शामिल हुए हैं. अनिल ने पासवान पर दलितों को बंधुआ मजदूर समझने का आरोप लगाते हुए कहा कि  ‘पासवान ने सभी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों का अपमान किया है. दलित उनके बंधुआ मजदूर नहीं हैं.’

Loading...

उन्होंने कहा, ‘हम पति-पत्नी पूरी तरह से लोजपा प्रमुख से टकराने को तैयार हैं. राजद हम पति-पत्नी को पार्टी में जहां कहीं भी प्रयोग करना चाहे, हम उसके लिए तैयार हैं.’ रामविलास पासवान को दलितों के नहीं, बल्कि सवर्णो का नेता हैं.

बहरहाल रामविलास पासवान को अब अपने ही घर में ही चुनौती मिलने लगी है. आगामी लोकसभा चुनाव में पासवान के दामाद या बेटी उनके खिलाफ ही खम ठोंकते नजर आ सकते हैं.

वहीं, आशा पासवान ने तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि अगर वह टिकट देंगे तो पिता के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हूं.

Loading...

About I watch

Check Also

न चाहते हुए भी मायावती ने कांग्रेस को दिया समर्थन, जानें क्‍यों?

नई दिल्‍ली। ”कांग्रेस की नीतियों और सोच से सहमति नहीं होते हुए भी हमारी पार्टी ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *