सम्पादकीय

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क्या आप जानते है नाथूराम गोडसे गाँधी को क्यों मारा था! आज हम बताएँगे गोडसे का क्या था अंतिम बयान! इसे सुनकर अदालत में उपस्थित सभी लोगों की ...
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आरक्षण की आड़ में सत्ता की राजनीति। loading... राहुल पाण्डेय ‘अविचल’ इंदिरा गाँधी द्वारा आपातकाल लगाने के बाद देश में जो जनक्रांति हुयी उससे कांग्रेस को बहुत नुकसान ...
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असित कुमार मिश्र बहुत दुखदायी होता है असमय किसी पौधे का मुरझा जाना। मैं प्रत्यूषा बनर्जी को बहुत नहीं जानता। थोड़ी बहुत चर्चा जरुर सुनी थी। लेकिन अट्ठाईस ...
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लखनऊ। जेएनयू के छात्रों के समर्थन में आने वालों के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि इसी जेएनयू कैंपस में 29 अप्रैल 2000 में कारगिल के हीरो ...
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पिछले दो दिनों के हरियाणा से आ रही ख़बरों से मन बहुत ख़राब है। सरकार अक्षम है, आंदोलनकारी अनुशासनहीन है और विपक्ष गैर-जिम्मेदार है। सब मिलकर सीधा-सादा सच ...
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हम पत्रकार अक्सर दूसरों पर सवाल उठाते हैं लेकिन कभी खुद पर नहीं. हम दूसरों की जिम्मेदारी तय करते हैं लेकिन अपनी नहीं. हमें लोकतंत्र का चौथा खंभा ...
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तारकेश कुमार ओझा साहित्य समारोह- उत्सव या सम्मेलन की बात होने पर मुझे लगता था इस बहाने शब्दकर्मियों  व साहित्य साधकों को उचित मंच मिलता होगा। एक ऐसा ...
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तारकेश कुमार ओझा loading... आप चाहे जितने शांत व सरल हो , लेकिन जटिल और कुटिल स्वभाव वालों से निपटने के लिए वैसा ही बनना पड़ता है। अन्यथा ...
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तारकेश कुमार ओझा loading... तब साझा – चूल्हा और संयुक्त परिवार की खासी महत्ता थी। गांव हो या शहर  हर तरफ यह गर्व का विषय होता था। बड़े ...
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तारकेश कुमार ओझा  तेज – तर्रार उदीयमान नेताजी का परिवार वैसे था तो हर तरफ से खुशहाल, लेकिन गांव के पट्टीदार की नापाक हरकतें समूचे कुनबे को सांसत ...
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असित कुमार मिश्र इधर बहुत दिनों से चाह कर भी कुछ नहीं लिख पाया।कारण – व्यस्तता। पूरी दुनिया में बस दो ही लोग व्यस्त हैं आजकल एक मोदी ...
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लखनऊ। आज़ादी की आवाज़ नेशनल हेराल्ड को अंग्रेज तो बंद नहीं कर सके लेकिन सोनिया और कांग्रेसियों ने मिलकर उसे नीलामी पर चढ़ा दिया। नेशनल हेराल्ड जिसे हेराल्ड हाउस ...
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स्मिता मुग्धा दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को अपने ऑफिस पर CBI की रेड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ...
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सूर्यप्रताप सिंह ‘सूखे के दर्द’ पर भारी बेरहम शहंशाहों का बेहया ‘शाही-जश्न’….. मुलायम के जन्मदिन पर सैफई में सितारों का जमघट ! मुख्यमंत्री और श्री मुलायम सिंह यादव ...
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सुनील रावत लखनऊ। अपने दो भाइयों के झगडे के कारण मुलायम के हाथ से उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी बाजी निकल गई। मुलायम सिंह ने अगर बिहार ...
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असित कुमार मिश्र मेरे गाँव के दो तीन टोले में परसों से ही चर्चा हो रही थी कि कोई हकीम साहब आए हैं। हर समस्या का समाधान है ...
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तारकेश कुमार ओझा loading... मि. खिलाड़ी और लक्ष्मीधर दोनों की आंखों में आंसू थे। क्योंकि दोनों संयोग से एक ही दिन रिटायर हो गए या यूं कहें कि ...
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असित कुमार मिश्र loading... मुझे बनारस की सुबह अच्छी नहीं लगती, लखनऊ की शाम भी नहीं।ऋतुराज बसंत भी अच्छा नहीं लगता, चैत की चांदनी भी नहीं। स्विट्जरलैंड और ...
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असित कुमार मिश्र मेरे बचपन के दिनों में छह से आठ तक की पढ़ाई का मजा ही कुछ और है। बड़े साधारण से थे वे दिन, और बहुत ...
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तारकेश कुमार ओझा loading... काल व परिस्थिति के लिहाज से एक ही अवसर किस तरह विपरीत रुप धारण कर सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हमारे तीज – त्योहार ...
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