Saturday , January 16 2021

ताहिर हुसैन ने मजहब का हवाला दे भीड़ को ‘काफिरों’ की हत्या के लिए उकसाया: दिल्ली दंगों के दो और मामलों में चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों से संबंधित दो और मामलों में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शुक्रवार (जून 19, 2020) को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए। दोनों ही आरोप-पत्रों में आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है।

पहला चार्जशीट चाँदबाग के एक पार्किंग लॉट में आगजनी और दंगे से संबंधित है। इसमें कम से कम सौ वाहनों में आग लगा दी गई थी। दूसरा मामला करावल नगर इलाके में एक गोदाम में लूटपाट और आगजनी से संबंधित है। दोनों ही घटनाओं में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है।

आरोप पत्र चश्मदीदों के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। साथ ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज और आरोपितों के फोन कॉल रिकार्ड को भी आधार बनाया गया है। पुलिस के अनुसार चश्मदीदों का कहना है कि ताहिर हुसैन घटना वाले दोनों दिनों में 40-50 गुंडों की भीड़ का नेतृत्व कर रहा था।

दिल्ली पुलिस ने गवाहों के बयान का हवाला देते हुए चार्जशीट में बताया कि ताहिर ने भीड़ को मजहब के नाम पर उकसाया। हुसैन ने अपनी बिल्डिंग भीड़ के हवाले कर दिया और उनसे ‘काफिरों’ को मारने के लिए कहा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों आरोप-पत्रों में ताहिर हुसैन, उसके छोटे भाई शाह आलम और कम से कम दस अन्य लोगों पर दंगा करने, घातक हथियारों से लैस होने, आग या विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल करने, गैर कानूनी सभाएँ करने और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है।

दोनों घटनाएँ 24 फरवरी को हुईं और 27 फरवरी को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने एक भीड़ का नेतृत्व करते हुए करावल नगर स्थित एक गोदाम को लूटा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। गोदाम के मालिक का कहना था कि इस आगजनी में उसके कई जरूरी कागजात जलकर राख हो गए और उसे करीब 25-30 लाख रुपए का नुकसान हुआ। बाद में ताहिर हुसैन और पाँच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरे चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि हुसैन और उसके छोटे भाई शाह आलम आठ अन्य लोगों के साथ प्रदीप पार्किंग लॉट के पास पहुँचे और उसका शटर तोड़ दिया। इसके बाद वे पहली मंजिल पर पहुँच गए और वहाँ मौजूद लोगों के पैसे और कीमती सामान लूट लिए। वहाँ एक शादी समारोह के लिए भोजन की तैयारी चल रही थी। हुसैन और अन्य लोगों ने तैयार किए गए भोजन को भी बर्बाद कर दिया और फिर पार्किंग लॉट में पेट्रोल बम फेंक दिया, जहाँ उस समय कई वाहन खड़े थे। बम ने प्रदीप पार्किंग में खड़े सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। ताहिर हुसैन के खिलाफ इससे पहले भी चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

बता दें कि ताहिर हुसैन फिलहाल आईबी स्टाफ अंकित शर्मा की हत्या और दिल्ली हिंसा में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार है। आईबी में कार्यरत अंकित शर्मा की हत्या करने के बाद उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपित सलमान ने बताया था कि दंगाइयों ने अंकित का मजहब जानने के लिए उनके कपड़े उतारे थे। धर्म पुख्ता कर उन्हें चाकुओं से गोद डाला। सलमान ने बताया कि उसने खुद अंकित पर 14 बार चाकू से वार किए। अंकित के चेहरे पर काला कपड़ा डाल उन्हें आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के घर में ले जाया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी को चॉंदबाग के नाले से मिला था।

उल्लेखनीय है कि सीएए, एनआरसी विरोध के नाम पर 23-24 फरवरी को दिल्ली में शुरू हुई हिंदू विरोधी हिंसा में 53 लोगों ने अपनी जान गँवा दी थी। 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस दौरान दंगाइयों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में सरकारी और निजी संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचाया था।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति