Sunday , June 26 2022

कही-अनकही सचकही

भाई को किया दरकिनार, बाहरी ने कर दिया उद्धव ठाकरे का काम तमाम!

बिकेश तिवारी शिवसेना की पहचान से जुड़े हैं दहाड़ता शेर और प्रखर हिंदुत्व. आज शिवसेना का दहाड़ता शेर खामोश है. जो हिंदुत्व पार्टी की पहचान रहा, उसी हिंदुत्व के मसले पर पार्टी आंतरिक कलह के ऐसे भंवर में फंसी है कि महाराष्ट्र की सत्ता से बेदखल होने की नौबत आ ...

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तुम मगध का दुर्भाग्य हो घनानन्द!

सर्वेश तिवारी श्रीमुख हप्ते भर पहले ही विद्यापति नगर से वह बर्बर तस्वीर आयी थी, जब घोर दरिद्रता के कारण एक ब्राह्मण परिवार ने दो छोटे छोटे बच्चों समेत सामूहिक फाँसी लगा ली थी। उस तस्वीर पर किसी को शर्म नहीं आयी। न सत्ता को, न विपक्ष को, न बौद्धिक ...

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‘कब्ज़ा कर के बनाई गई मस्जिद को गिरा दो’: मंदिरों को ध्वस्त कर बनाए गए मस्जिदों पर बोले थे गाँधी – मुस्लिम खुद सौंप दें ऐसे स्थल

27 मंदिरों को तोड़कर बनी कुतुब मीनार और भगवान शिव की मंदिर के ऊपर बने ज्ञानवापी को लेकर देश भर में मंदिर और मस्जिद की डिबेट हो रही है। मुगल आक्रांताओं ने हजारों मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनवाईं। क्या तलवार के बल पर जबरन जिन स्थानों पर मंदिरों को तोड़कर ...

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साहित्य ही कराता है मानवता का ज्ञान, प्रो. अरुण कुमार भगत!

“साहित्य संवेदना के धरातल पर पुष्पित, पल्लवित और फलित होता है, हमें अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए सबसे पहले मानवीय संवेदना की रक्षा करनी होगी।” यह कहना था साहित्य अकादमी समेत देश के अनेक बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य प्रो अरुण कुमार भगत जी का, जो करवतही बाजार में संस्कार ...

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AAP की दिल्ली, खालिस्तान… पंजाब का एग्जिट पोल खतरे की घंटी या फिर 2017 की तरह 10 मार्च को बिखर जाएगी झाड़ू

अनुपम कुमार सिंह पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सारे एग्जिट पोल्स इसी तरफ इशारा कर रहे हैं कि राज्य में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार बनेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी को 100 सीटें तक मिलते हुए दिखाया गया है। कभी अभिनेता और कॉमेडियन रहे ...

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नेताजी को प्रथम प्रधानमंत्री माना जाये ?

के. विक्रम राव Twitter ID: @Kvikramrao सुभाष बाबू पर मेरे दोनों पोस्ट पर कई प्रतिक्रियायें आयीं, लिखित तथा फोन पर। नीक लगा। मेरी मान्यता है कि नेताजी स्वतंत्रता इतिहास के सर्वाधिक त्रासदपूर्ण नायक हैं। शेक्सपियर होते तो एक दुखांत नाटक लिख डालते। एक संघर्षशील जननायक जो स्वनिर्मित था। दुनियादारीभरे प्रपंची ...

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‘हिंदू लड़कियों को पसंद है मुस्लिमों का…’ से लेकर ‘हिंदू रखैल… मुस्लिम मर्द की दीवानी’: सोशल मीडिया पर धर्म को निशाना बना अश्लीलता, जुड़े हैं हजारों

सोशल मीडिया पर महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है, वो भी धर्म के आधार पर। कई ऐसे कंटेंट्स सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि हिन्दू महिलाओं की प्राइवेसी भंग कर के उन्हें बदनाम किया जा रहा है। मुस्लिम पुरुषों के साथ उनके नाम जोड़ कर उन्हें सरेआम ...

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कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है…

सर्वेश कुमार तिवारी क्या होता यदि सम्राट अशोक और उनके बाद के कुछ भारतीय सम्राटों के समय तात्कालिक पश्चिमोत्तर भारत( आज का पाकिस्तान, अफगानिस्तान) बौद्ध नहीं हुआ होता। उधर के लोग युद्ध का त्याग नहीं किये होते, तो क्या अरब से निकला कोई मोहम्मद बिन कासिम इतनी आसानी से सबको ...

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इतिहास से परिहास

के. विक्रम राव Twitter ID: @Kvikramrao भारतीय उपमहाद्वीप के गत सदी के राजनैतिक इतिहास में चौधरी चरण सिंह एक विलक्षण शख्सियत रहे। वे मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री बने, मगर दल बदल कर। मोरारजी देसाई पहले थे जो राज्य और केन्द्र में शीर्ष पद पर रहे। उन्हें गिराकर चरण सिंह उठे थे। ...

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अब नरसिम्हा राव की विरासत सबको जरूरी क्यों लगने लगी है?

पीवी नरसिम्हा राव के नाम तक से पल्ला झाड़ने वाली कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और मीडिया विश्लेषकों को अब उनकी विरासत याद करना जरूरी क्यों लगने लगा है? यह जून, 1991 की बात है. कांग्रेस ने आम चुनाव में सबसे ज्यादा 244 सीटें जीती थीं. यह तय था कि ...

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सेंटा का गिफ्ट…

सर्वेश कुमार तिवारी सन 1510 गोआ के तात्कालिक मुश्लिम शासक यूसुफ आदिल शाह को पराजित कर पुर्तगालियों ने गोआ में अपनी सत्ता स्थापित की। अगले पच्चीस तीस वर्षों में गोआ पर पुर्तगाली पूरी तरह स्थापित हो गए। फिर शुरू हुआ गोआ का ईसाईकरण। कुछ लोग उनकी कथा के प्रभाव में ...

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वृषभ को आमंत्रण !!

के. विक्रम राव   सबकुछ ठीकठाक था, पंजाब तथा उत्तराखण्ड में। क्या सूझी, कैसे कौंधी, सोनिया गांधी को कि उथल—पुथल मचा दिया ? सुखमा झील से सटे चण्डीगढ़ में एक कांग्रेसी मुख्यमंत्री (अमरेन्द्र सिंह) को उखाड़ दिया? गंगातट के निकट देहरादून (उत्तराखण्ड़) में एक बुजुर्ग पार्टी पुरोधा (हरीश रावत) के मुख्यमंत्री ...

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21 दिसम्बर सन सत्रह सौ चार…

सर्वेश कुमार तिवारी छह महीने से पड़े मुगलों के घेरे को तोड़ कर अपनी चार सौ की फौज के साथ गुरु गोविन्द सिंह निकल गए थे। वहाँ से निकलने के बाद सबको सिरसा नदी को पार करना था। जाड़े की भीषण बरसात के कारण उफनती हुई नदी, और रात की ...

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…..तो अब युगों युगों का भरोसा टूट रहा है

सर्वेश कुमार तिवारी कल परसो हमारे यहाँ की लड़कियों ने पीड़िया बहाई थी। पन्द्रह बीस दिन पहले मिथिलांचल की बेटियों ने शामा-चकेवा खेला था, इसी बीच में अवधियों की बेटियां करमा-धर्मा मनाई थीं। ये सब चिड़ियों के घर आने के पर्व हैं। अब आप चिड़िया का अर्थ पक्षियों से लगाएं ...

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सेक्युलर मुखौटे वाला खालिस्तानी आंदोलन, जहाँ भीड़तंत्र के सामने बेबस रही पुलिस: ‘ठेकेदारों’ से निपटने और कम्युनिकेशन पर सोचे केंद्र

अनुपम कुमार सिंह सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस आंदोलन को जिस तरह से कृषि के नाम पर सिख कट्टरवाद और खालिस्तानी अलगाववाद से जोड़ा गया, वो एक बहुत बड़ी साजिश थी। अचानक से लंदन में सिखों के अलग मुल्क के ली रेफरेंडम होने लगा, प्रतिबंधित संगठन SFJ ...

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