Tuesday , May 28 2024

महबूबा मुफ्ती की हिरासत 3 महीने और बढ़ी, सज्जाद लोन बोले- मैं आजाद हूँ, लेकिन इसने मुझे बदल दिया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की हिरासत शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई। पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने से पहले मुफ्ती समेत कई नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे कई नेताओं के हाउस अरेस्ट की अवधि खत्म की गई।

बता दें, मई में भी पूर्व मुख्यमंत्री की हिरासत को तीन महीने बढ़ाया गया था जो 5 अगस्त को खत्म होने वाली थी। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मुफ्ती अपने आधिकारिक आवास फेयरव्यू बंगले में अगले 3 महीने और हिरासत में ही रहेंगी। इस बंगले को जेल घोषित किया गया है और उन्हें कोरोना महामारी के मद्देनजर यहाँ शिफ्ट किया गया है।

आदेश में कहा गया, “कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने हिरासत की अवधि आगे विस्तारित करने की सिफारिश की है और इस पर गौर करने के बाद इसे जरूरी समझा गया।”

वहीं, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद गनी लोन को शुक्रवार को हिरासत से रिहा कर दिया गया। इसकी जानकारी लोन ने ट्वीट पर दी है। लोन को भी अनुच्छेद 370 हटने के बाद हिरासत में लिया गया था।

उन्होंने लिखा, ”आखिरकार एक साल पूरे होने से 5 दिन पहले मुझे बताया गया है कि मैं आजाद हूँ। कितना कुछ बदल गया है, मैं भी बदला हूँ। जेल का अनुभव नया नहीं था। लेकिन पहले वाले शारीरिक प्रताड़ना वाले थे, ये मानसिक तौर पर थका देने वाला था। उम्मीद कर रहा हूँ जल्दी बहुत कुछ साझा करूँगा।”

लोन की रिहाई के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि सुनकर अच्छा लगा कि सज्जाद लोन को अवैध नजरबंद से रिहा कर दिया गया है। उम्मीद है कि इसी तरह अवैध नजरबंदी में बंद दूसरे लोगों को भी रिहा किया जाएगा।

बता दें, महबूबा मुफ्ती के साथ हिरासत में जाने वाले कई नेता थे। इसमें फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, सज्जाद लोन जैसे कई नेताओं का नाम शामिल था। लेकिन मार्च में हिरासत के आठ महीने बाद उमर अब्दुल्ला को रिहा किया गया। वहीं, सज्जाद लोन और पीडीपी नेता वाहीन को भी एमएलए हॉस्टल से मुक्त करके हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया था।

साहसी पत्रकारिता को सपोर्ट करें,
आई वॉच इंडिया के संचालन में सहयोग करें। देश के बड़े मीडिया नेटवर्क को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर इन्हें ख़ूब फ़ंडिग मिलती है। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें।

About I watch