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मस्जिद के अवैध निर्माण के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील पर फायरिंग, अतीक अहमद गैंग का हाथ होने का दावा

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार (अगस्त 9, 2020) रात बदमाशों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील और बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अभिषेक शुक्ला पर फायरिंग की। हमले में वे बाल-बाल बच गए। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट और लूटपाट भी की।

जख्मी हालत में उन्हें एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल डॉक्टरों ने वकील अभिषेक शुक्ला की हालत खतरे से बाहर बताई है।

वारदात राजरूपपुर चौकी क्षेत्र में जागृति चौराहे की है। गोलीकांड की सूचना पाकर तमाम अधिवक्ता मौके पर पहुँच गए। उन्होंने राजरूपपुर पुलिस चौकी का घेराव कर रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। सभी ने आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की। साथ ही जल्द कार्रवाई न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।

इस हमले में बाहुबली अतीक अहमद गैंग का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। हालाँकि एसएसपी अभिषेक दीक्षित का कहना है कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि नीमसराय निवासी अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला रविवार रात सवा नौ बजे के करीब राजरूपुपर में जागृति चौराहे के पास अपने साथियों संग खड़े थे। इसी दौरान वहाँ बाइक से पहुँचे चार बदमाशों ने उन पर फायर कर दिया। फायरिंग में अधिवक्ता बाल-बाल बच गए तो हमलावरों ने मारपीट शुरू कर दी। यह देख आसपास के लोग दौड़े तो हमलावर अधिवक्ता की सोने की चेन व लॉकेट लूटकर भाग निकले।

एडीजी प्रेम प्रकाश का कहना है कि बदमाशों ने अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला पर फायरिंग की, लेकिन अधिवक्ता को गोली नहीं लगी। उनके साथ मारपीट की गई।

वहीं हिन्दू विधिज्ञ परिषद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अभिषेक के हाथ और पैर में 3 गोलियाँ लगी हैं। इसमें कहा गया है कि अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में अवैध मस्जिद बनाए जाने के विरुद्ध याचिका प्रविष्ट की थी, जो अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसे लेकर भी अभिषेक शुक्ला जिहादियों के निशाने पर थे और इसी वजह से उन पर हमला किया गया है।

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