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रिलायंस खरीद सकता है चाइनीज ऐप TikTok: भारत में 3 बिलियन डॉलर से ज़्यादा लगाई गई है ऐप की वैल्यू

भारत से बैन किए जाने के बाद TikTok यहाँ फिर से एंट्री करने की तैयारी में दिख रहा है। टेक क्रंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड टिक टॉक में निवेश करने को लेकर बातचीत कर रही है। बता दें 29 जून से टिकटॉक ऐप भारत में बैन है और इसके साथ ही चीन के 58 और ऐप्स बैन किए गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक़ जुलाई के अंत से रिलायंस और टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस डील को लेकर दोनों कंपनियाँ आपस में बातचीत कर रही हैं, हालाँकि, दोनों कंपनियाँ अभी किसी भी सौदे पर नहीं पहुँची हैं।

भारत टिकटॉक के लिए चीन के बाद सबसे बड़ा मार्केट है और शायद यही वजह की कंपनी किसी भी तरह से यहाँ बिज़नेस करना चाहेगी। चाहे डायरेक्ट या इनडायरेक्टली। टेक क्रंच ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा है कि भारत में टिकटॉक की वैल्यू 3 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की लगाई जा रही है। लेकिन रिलायंस और बाइटडांस ने इसे लेकर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया या स्टेटमेंट नहीं जारी किया है।

बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्म टिकटॉक को 15 सितंबर तक की डेडलाइन दी है। 15 सितंबर के बाद टिक टॉक को अमेरिका में बैन किया जा सकता है। टिकटॉक का अमेरिकी कारोबार बेचने के लिए भी माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर के अलावा कई कंपनियों के साथ बात चल रही है।

इस ऐप को बैन करने से चीन को बहुत बड़ा झटका लगा था। इस शॉर्ट वीडियो मेकिंग और शेयरिंग ऐप के भारत में करीब 12 करोड़ यूजर्स थे। यूजर्स के लिहाज से भारत टिकटॉक के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहा है। अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने टिकटॉक में निवेश कर लिया। तो इससे दोनों कंपनी को काफी फायदा होगा। एक तरफ भारत में फिर से टिक टॉक शुरू हो जाएगा। तो वहीं रिलायंस का दबदबा इस ऐप पर भी हो जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों गलवान घाटी में 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद भारत में 59 चीनी ऐप्लीकेशन को बैन कर दिया गया था। भारत ने अपने फैसले के पीछे संप्रभुता, सुरक्षा और निजता का हवाला देते हुए बैन की बात कही थी। बता दें कि TikTok पर चीन की सरकार के साथ यूजर के डेटा शेयर करने का आरोप कई देश लगाते रहे हैं।

टिकटॉक के अलावा यूसी ब्राउजर, कैम स्कैनर, शेयर इट, हैलो, लाइक सहित कई ऐप्स को भी बैन कर दिया गया है।बायडू मैप, केवाई, डीयू बैटरी स्कैनर भी बैन हो गया है। सरकार ने इन चीनी एप्स पर आईटी एक्ट 2000 के तहत बैन लगाया है।

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