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रिया के इंटरव्यू से भड़की बरखा: राजदीप को बताया सिजोफ्रेनिक, कहा- दिन में कुछ कहते हैं, रात को कुछ और करते हैं

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से उनकी गर्लफ्रेंड रही रिया चकवर्ती सवालों के घेरे में हैं। अक्सर विवादों में रहने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने उनका एक इंटरव्यू लिया है। अब तक इस मामले में सवालों से भागती रही रिया को इंटरव्यू में उन्होंने ‘अपनी कहानी‘ पेश करने का भरपूर मौका दिया है।

इसके कारण सोशल मीडिया में यूजर्स न केवल रिया के बयानों के विरोधाभास को उजागर कर रहे हैं, बल्कि राजदीप की भी इस बात को लेकर तीखी आलोचना हो रही है कि उन्होंने इस मामले की मुख्य आरोपित पर उठ रहे सवालों को अपने पाखंड से दबाने की कोशिश की।

दूसरे लोगों की तरह ही बरखा दत्त ने भी इस पाखंड को लेकर राजदीप को लताड़ा है। उन्होंने कहा है कि अन्य मीडिया संस्थानों की ‘वास्तविक मुद्दों’ की अनदेखी कर सुशांत मामले को उठाने के लिए आलोचना करने वाले राजदीप खुद इस मामले की मुख्य आरोपित को अपनी कहानी सुनाने का मौका मुहैया करा रहे हैं।

सिलसिलेवार ट्वीट में राजदीप का नाम लिए बिना बरखा ने कहा है कि उनके जैसे टीवी एंकर दिन में अपने चैनल पर ‘वास्तविक मुद्दों’ की बात कर मीडिया ट्रायल का राग अलापते हैं, लेकिन रात में वे दूसरे न्यूज चैनलों की तरह सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले को कवर करने में जुट जाते हैं।

तीखी आलोचना करते हुए बरखा दत्त ने राजदीप को सिजोफ्रेनिक करार दिया है।
बरखा दत्त का ट्वीट

बरखा ने कहा कि राजदीप जैसे पाखंडियों की तुलना में इस मामले में सार्वजनिक स्टैंड लेने वाले चैनल बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों से अलग होने का दावा करने वाले राजदीप को यह दोहरा मापदंड दिखाता है।

बरखा दत्त का ट्वीट

बरखा दत्त का आशय राजदीप के उन दावों को लेकर था जिसमें उन्होंने कहा था कि वे इस मामले पर कोई चर्चा या मीडिया ट्रायल नहीं करेंगे। राजदीप लगातार दूसरे चैनलों की इस मुद्दे को उठाने को लेकर आलोचना कर रहे थे।
नीचे आप उन ट्वीट्स को देख सकते हैं जिसमें राजदीप ने असल मुद्दों पर चुप्पी साधकर सुशांत का मामला उठाने का आरोप अन्य मीडिया संस्थानों पर लगाया था।

साभार : ऋषि बागरी

उल्लेखनीय है कि राजदीप सरदेसाई का रवैया सुशांत सिंह मामले की जाँच पर बेहद आलोचनात्मक रहा है। इसके पहले राजदीप ने बयान दिया था कि सुशांत के परिजनों को शांति से शोक मनाना चाहिए। साथ ही राजदीप ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जाँच शुरू होते ही आपत्ति भी जताई थी। जब एक आईपीएस अधिकारी ने यह बताया था कि हर अप्राकृतिक मौत की जाँच करना कानूनी दायरे में आता है, तब राजदीप सरदेसाई ने इस मुद्दे पर अपनी असहमति जताई थी।

विडंबना यह है कि राजदीप सरदेसाई जहाँ एक तरफ सुशांत सिंह राजपूत मामले को नहीं कवर करना चाहते थे। वहीं सुशांत आत्महत्या मामले की मुख्य आरोपित रिया चक्रवर्ती के साक्षात्कार में उन्हें कोई आपत्ति यही दिखती।

वैसे दिलचस्प है कि राजदीप जिस इंडिया टुडे ग्रुप में काम करते हैं उसके हिंदी न्यूज चैनल आज तक ने इस मामले को खूब कवर किया है। शायद राजदीप का ध्यान इस ओर नहीं गया होगा। लेकिन, इस मामले में कई कवरेज को लेकर सोशल मीडिया में आजतक की काफी आलोचना भी हो चुकी है।

यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि इस मामले में बरखा भी राजदीप से अलग नहीं हैं। आज भले वह रिया का साक्षात्कार करने को लेकर राजदीप पर हमलावर हों, लेकिन इस मामले में वे खुद एक ​कथित मनोवैज्ञानिक का साक्षात्कार कर चुकी हैं। जिसका दावा था कि वह सुशांत के काउंसलर थे और दिवगंत अभिनेता अवसाद से पीड़ित थे। बाद में यह बात सामने आई की इस कथित काउंसलर के पास ऐसे मामलों को देखने की उचित योग्यता तक नहीं थी।

इसी तरह राजदीप ने भी रिया के साथ साक्षात्कार में सुशांत सिंह की कथित मानसिक बीमारी पर ज़ोर दिया है। उनकी बातों से ऐसा लग रहा है जैसे मानसिक बीमारी का आरोप वास्तविक तथ्य है। जबकि सुशांत सिंह का परिवार इस मुद्दे पर अपना पक्ष पहले ही रखा चुका है। उन्होंने कहा था कि पहले कभी सुशांत सिंह को इस तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई थी। न ही किसी विशेषज्ञ ने उनके संबंध में ऐसा कुछ कहा था। सुशांत पर मानिसक रूप से बीमार होने का आरोप अभी तक सिर्फ और सिर्फ रिया चक्रवर्ती ने लगाया है, जिन पर खुद इस मामले के संबंध में जाँच चल रही है।

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