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कानपुर में एक और लव जिहाद: टॉर्चर, काला जादू, ब्रेनवॉश और धर्मांतरण के प्रयास की कहानी

कानपुर। कानपुर के गोविंद नगर की रहने वाली 18 वर्षीय हिंदू लड़की मुस्कान अपने परिवार में लौट आई है। बता दें कि मुस्कान पिछले 10 दिनों से लापता थी। परिवार की शिकायत के आधार पर, गोविंद नगर पुलिस ने कानपुर के जाजमऊ निवासी आसिफ शाह उर्फ नफीज के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। परिवार ने इसे ‘लव जिहाद’ का एक और मामला बताया है।

आसिफ शाह ने युवती को अपने प्रेम जाल में फँसाया और ब्रेनवाश कर जबरन उसको इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया। युवती ने बताया था कि उस पर जबरन इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं वे लोग तमाम जादू टोना, झाड़-फूँक का इस्तेमाल कर उसके धर्मांतरण की कोशिश कर रहे थे। उसने यह भी कहा कि आसिफ के साथ उसका निकाह हो गया है।

‘आसिफ को जानती भी नहीं थी मुस्कान’

मुस्कान की माँ ममता तिवारी ने बताया कि जब लापता बेटी की खोज करने की उनकी सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं, तो उन्हें उनके पति का फोन आया, जिन्होंने उन्हें बताया कि उन्हें मुसकान का फोन आया था और वह उनसे मिलना चाहती थीं। ममता कहती हैं कि रात के 11 बजे, उन्होंने मुस्कान को फोन किया, तो उसने बेहद धीमी आवाज में कहा, “मम्मी हम आपसे मिलना चाहते हैं।” जब ममता ने उस पर सवालों की बौछार कर दी, तो मुस्कान ने जवाब दिया कि मिलने पर वे सब कुछ बता देगी।

अपनी बेटी से बात करने के बाद, ममता तिवारी, बजरंग दल के कार्यकर्ता रामजी तिवारी के संपर्क में आईं, जिनके साथ वह अपनी बेटी से मिलने के लिए कानपुर के रमा देवी नाम की जगह पर गए। उन्होंने कहा, “हमने पूरे दिन इंतजार किया, लेकिन मुस्कान नहीं आई। मैं उसे फोन करती रही, लेकिन उसने मेरा फोन रिसीव नहीं किया।”

अगले दिन जब मुस्कान माँ से मिलने आई, तो उसने घर वापस ले जाने के लिए कहा। ममता ने बताया, “मुस्कान की स्थिति काफी खराब थी। उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया था। उन्होंने मेरी बेटी की वशीकरण करने के लिए कुछ किया था।” उन्होंने आगे कहा कि मुस्कान अपना फोन नंबर, पता… सब कुछ भूल गई थी। मुस्कान की माँ ने दावा कि यह तब तक संभव नहीं है जब तक कि किसी पर कुछ न किया जाए।

ममता ने बताया, “जब मैंने उसका बैग देखा तो उसमें कई सारे चिट भरे हुए थे, जिस पर उर्दू में कुछ लिखा हुआ था। उसने अपनी गर्दन में ताबीज पहन रखा था और पैरों में काला धागा बाँधा हुआ था। हमने तुरंत एक पंडित को बुलाया और उसके ऊपर से जादू-टोने के प्रभाव को खत्म करवाया।”

ममता ने कहा कि जादू का प्रभाव खत्म होते ही मुस्कान रोने लगी। उसने अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई। ममता के अनुसार मुस्कान ने कहा, “हम वहाँ नहीं जाएँगे, मुझे वहाँ नहीं जाना है।”

ममता ने बताया कि 14 या 15 अगस्त को (उन्होंने कहा कि उन्हें सही तारीख याद नहीं है) उनकी बेटी ने उनसे कहा था कि वह बारा देवी में अपने ट्यूशन टीचर से मिलना चाहती थी। मुस्कान ने आसिफ उर्फ नफीज से बारा देवी मंदिर के पास मुलाकात की, जहाँ उसने कुछ खाने के लिए रोका। ममता ने कहा, “आसिफ को मुस्कान जानती भी नहीं थी। उसने उसे जीवन में पहली बार देखा था।”

उन्होंने आगे बताया कि मुस्कान ने कहा था कि वह लड़का उसके पास आया और उसे अपने साथ आने के लिए कहा, जिसके लिए वह राजी हो गई। ममता ने मुस्कान के हवाले से कहा, “मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या हुआ है। वह मेरे लिए पूरी तरह से अजनबी था, मैं उसका नाम भी नहीं जानती थी, लेकिन जब उसने मुझे अपने साथ जाने के लिए कहा तो मैं सहमत हो गई।” ममता का कहना है कि आसिफ ने मुस्कान के साथ कुछ किया है।

उन्होंने कहा कि आसिफ़ मुस्कान को अपनी बहन के घर ले गया, जहाँ उसने उस पर जादू-टोना शुरू कर किया। ममता ने कहा, “आसिफ की बहन काला जादू और वशीकरण जानती है। वह मुस्कान को एक मज़हर (मकबरे) में ले गई जहाँ ‘काला जादू’ किया गया था। वह ‘वशीकरण’ के माध्यम से ‘ब्रेनवाश’ कर रही थी। इसके बाद, आसिफ ने शादी का प्रस्ताव रखा, जिससे मुस्कान ने सहमति जताई।”

मौलवी को बुलाया गया और उसका निकाह पढ़ा गया। मुस्कान ने माँ को बताया, “उन्होंने मुझसे हाँ, हाँ बोलने के लिए कहा और मैंने बोल दिया।” जब मुस्कान वापस आई, तो उसके हाथ में मेंहंदी लगी हुई, जिसका मतलब था कि उसकी शादी हो चुकी थी।

ममता ने बताया, “मेरी बेटी को बहुत कुछ करना पड़ा। जिस मानसिक पीड़ा और क्लेश से वह गुजरी वह अकल्पनीय है। मुझे जो भी दरवाजा खटखटाना होगा, मैं खटखटाऊँगी, अपराधी को दंडित करने के लिए मुझे जो कुछ भी करना होगा, मैं करूँगी।” मुस्कान की माँ को इतकी तसल्ली है कि कम से कम उनकी बेटी घर वापस आ गई है, फिर भी वह मुस्कान की मानसिक स्थिति को देखकर घबराई हुई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित गिरोह कानपुर में विभिन्न मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे जूही कॉलोनी, जाजमऊ, मचारिया आदि में सक्रिय हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि अपराधियों के तौर-तरीके इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इन युवाओं को एक विशेष सिंडिकेट द्वारा हिंदू लड़कियों को लालच और ब्रेनवॉश करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुस्लिम लड़कों को इसके लिए आर्थिक सहायता और अन्य संसाधन भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि लगभग सभी मामलों में, मुस्लिम पुरुषों ने कथित तौर पर अपनी पहचान को छुपाकर नकली हिंदू पहचान बताया।

इस घटना पर बोलते हुए, बजरंग दल के कार्यकर्ता ने कहा कि 18 वर्षीय लड़की एक हिंदू ब्राह्मण परिवार से है। जब आसिफ ने लड़की से दोस्ती की, तो उसे उसके धर्म के बारे में पता नहीं था। लगभग 10 दिन पहले उसने अपने परिवार को छोड़ दिया और जाजमऊ जिले में आसिफ के साथ रहने चली गई। तिवारी ने कहा कि लड़की ने पुष्टि की कि एक मौलवी आसिफ के घर आया था और उसकी शादी करवाई थी।

तिवारी ने कहा कि आसिफ के परिवार ने उसका ब्रेनवॉश करने और धर्म परिवर्तन के लिए काले जादू का सहारा लिया। आगे कहा कि जब लड़की वापस लौटी तो उसके गले में ताबीज थी।

परिवार ने उसके पास से उर्दू में लिखे गए कागज के कुछ छोटे कतरनों को भी बरामद किया। उन्हें पता चला कि आसिफ का परिवार चाय के साथ कागज के टुकड़े को मिला कर उसे खिला रहा था। इसके अलावा, वे इन कागज की कतरनों को उसके सिर के चारो तरफ घुमाकर जला दिया करते थे।

तिवारी ने आगे कहा कि लड़की को बताया गया था कि जिस कमरे में उसे रखा गया है उसमें दीपा की आत्मा थी, जिसने उस कमरे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उससे कहा गया था कि यदि उसने गुप्त प्रथाओं को नहीं किया, तो दीपा आत्मा उसे यातना देगी। एक्टिविस्ट का मानना था कि मुस्लिम लड़के के परिवार ने पीड़िता के सामने यह कहानी इसलिए गढ़ी थी ताकि वह काला जादू करवाने से मना न कर सके।

यह पूछे जाने पर कि क्या लड़की ने पुष्टि की है कि उसका धर्मांतरण और निकाह हो गया है, कार्यकर्ता ने कहा कि फिलहाल वह मानसिक रूप से स्थिर नहीं है, इसलिए उसका बयान बार बार बदल रहा है। 29 अगस्त को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज किया जाएगा।

दीप्ति तिवारी ने कहा, “यह निश्चित रूप से एक धर्म परिवर्तन का मामला लग रहा है।” उन्होंने आगे कहा, चूँकि वे साधारण लोग हैं और पर्याप्त शिक्षित नहीं हैं, इसलिए मैंने उन्हें न्याय दिलाने में मदद करने के लिए हस्तक्षेप किया।” दीप्ति तिवारी ने बताया कि मुस्कान को वर्तमान में महिला पुलिस थाना, कानपुर में रखा गया है। उन्होंने ममता और बजरंग दल कार्यकर्ता के बातों की भी पुष्टि की।

दीप्ति तिवारी ने कहा कि लड़की को पता नहीं था कि लड़का मुस्लिम था। लड़के ने कथित तौर पर मुस्कान को बताया कि वह उसी की जाति का है। जब वह (मुस्कान) आसिफ के घर गई, तो शुरू में वह समझ नहीं पाई कि वे मुस्लिम हैं, एक दिन जब घर की महिलाएँ बुर्का पहनकर बाहर जा रही थीं तो मुस्कान ने उनसे सवाल, तो उसे मजहर ले जाया गया, जहाँ वशीकरण के जरिए उस पर जादू चलाया गया था।

इधर गोविंद नगर पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और जाँच की जा रही है। लड़की को मेडिकल जाँच के लिए भेजा जाएगा और उसका बयान दर्ज किया जाएगा।

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