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डॉ कफील खान की रिहाई पर प्रियंका गाँधी ने जताई खुशी, इसके लिए कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया मुबारकबाद

नागरिकता संशोधन कानून और NRC को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद डॉ कफील खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज (सितंबर 1, 2020) राहत प्रदान की है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने खान के ऊपर से NSA हटाया। साथ ही सरकार को उन्हें अविलंब रिहा करने के आदेश दिए।

आज कोर्ट का यह आदेश चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एसडी सिंह की खंडपीठ ने डॉ कफील खान की माँ नुजहत परवीन की याचिका पर सुनाया। इससे पहले 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से डॉक्टर कफील खान की माँ की अर्ज़ी पर 15 दिन में फैसला लेने को कहा था। बता दें भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉ कफील खान मथुरा जेल में अब तक बंद थे।

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ हाईकोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि को बढ़ाना गैरकानूनी है। कफील खान को तुरंत रिहा किया जाए। वहीं, इसके बाद कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी फूली नहीं समाई। उन्होंने डॉ कफील को NSA से मुक्त किए जाने पर अपनी खुशी जाहिर की।

प्रियंका ने मंगलवार को ट्वीट पर लिखा, “आज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डॉ कफील खान के ऊपर से रासुका हटाकर उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। आशा है कि यूपी सरकार डॉ कफील खान को बिना किसी विद्वेष के अविलंब रिहा करेगी। डॉ कफील खान की रिहाई के प्रयासों में लगे तमाम न्याय पसंद लोगों व यूपी कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को मुबारकबाद।”

बता दें कि प्रियंका गाँधी के अलावा कई ट्विटर यूजर्स भी कफील खान की रिहाई पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ इसे राहत की बात बता रहे हैं। कुछ इसे गलत कह रहे हैं और कुछ अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। मगर, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह जैसे कई नेता इस फैसले के बाद यूपी सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे। वहीं रोहिणी सिंह जैसी पत्रकार कह रही है कि कफील इतने दिन जेल में रहे क्योंकि वह मुस्लिम है।

गौरतलब है कि गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान को CAA, NRC और NPA के विरोध के दौरान अलीगढ़ विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर 2019 को कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के आरोप में यूपी पुलिस ने उन्हें जनवरी में गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर दो समुदायों के बीच में दुश्मनी बढ़ाने के आरोप में केस भी दर्ज हुआ था।

मुंबई में गिरफ्तारी के बाद उन्हें अलीगढ़ लाया गया था और फिर वहाँ से वह मथुरा की जेल में डाले गए। याद दिला दें इससे पहले डॉ कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज विवाद के कारण चर्चा में आए थे। उस समय उन्हें बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया। हालाँकि, 2 साल बाद राज्य सरकार द्वारा उनके ऊपर से सभी बड़े आरोप हटा लिए गए।

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