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‘एक धक्का और दो इस घर को तोड़ दो’: प्रियंका गाँधी के ‘अवैध’ बंगले को तोड़ने की उठी माँग, गुस्साए लोगों ने कहा- कानून एक जैसा हो!

मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के कार्यालय पर बीएमसी की कार्रवाई के बाद हर जगह महाराष्ट्र सरकार की आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी सरकार पर द्वेषपूर्ण राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी कंगना के समर्थकों ने एक नई माँग उठा दी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सरकार से गुहार लगाई है कि शिमला में प्रियंका गाँधी की अवैध संपत्ति को फौरन ध्वस्त कर दिया जाए, या उस पर कार्रवाई हो।

कंगना के मुंबई स्थित ऑफिस पर बीएमसी की कार्रवाई के बाद ट्विटर पर #DemolishPriyankaHimachalHome ट्रेंड हो रहा है। खबर लिखने तक इस हैशटैग के अंतर्गत 15 हजार से ज्यादा ट्वीट हो चुके थे। इन ट्विट्स में यूजर्स प्रियंका गाँधी की उस प्रॉपर्टी को गिराने की माँग हिमाचल सरकार से उठा रहे हैं, जिसके लिए 3 साल पहले भी हाईकोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा था।

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने यह नोटिस प्रियंका गाँधी को आशी भट्टाचार्या की याचिका पर जारी किया था। इस याचिका में आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रियंका की जमीन का विवरण और हिमाचल प्रदेश किराएदारी और भूमि सुधार अधिनियम के तहत राज्य सरकार से मिलने वाली अनुमति की जानकारी माँगी थी।

लोगों का कहना है कि एक गैर हिमाचली, प्रदेश में घर नहीं खरीद सकता है, इसलिए यह घर अवैध है। इसे जल्द से हटाया जाए या फिर हर भारतीय को अधिकार दे दिया जाए कि वह हिमाचल में संपत्ति खरीद सकते हैं।

एक यूजर लिखते हैं, “शिवसेना और कॉन्ग्रेस की तरह भाजपा राजनीतिक प्रतिशोध के लिए नहीं जानी जाती है। इसलिए यही बढ़िया है कि प्रियंका गाँधी के घर को छोड़ दिया जाए। क्योंकि हमें कॉन्ग्रेस का साल 2024 में पूरा सफाया चाहिए। ऐसे में गाँधी परिवार को आराम करने के लिए घर की जरूरत पड़ेगी।”

कंगना की संपत्ति पर इस तरह का हमला देखने के बाद लोगों का कहना है कि कानून सबके लिए एक जैसा होना चाहिए। अगर कंगना की संपत्ति को अवैध कहकर तोड़ा गया तो अवैध संपत्ति तो तोड़ी ही जा सकती है। कुछ लोग इस हैशटैग पर प्रियंका के बंगले की तस्वीर शेयर करके लिख हिमाचल सरकार को टैग करके लिख रहे हैं, “एक धक्का और दो, इस घर को तोड़ दो।”

गौरतलब है कि प्रियंका गाँधी के पास शिमला के छराबड़ा में एक घर है। यह घर शिमला के वीवीआईपी इलाके में बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश किराएदारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का हवाला देकर इस संपत्ति पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। इस धारा के अंतर्गत प्रावधान है कोई भी बाहरी प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में जमीन नहीं ले सकता है।

यदि कोई इच्छुक भी हो, तो उसे भूअधिनियम की धारा 118 के तहत अनुमति लेनी होती है। इसकी परमिशन राज्य सरकार कैबिनेट में देती है। हालाँकि, कहा जाता है कि प्रियंका ने इस प्रक्रिया का पालन किया है। पर, फिर भी कार्यकर्ताओं और याचिकाकर्ताओं की माँग ये है कि इस जमीन से जुड़े दस्तावेज ऑन रिकॉर्ड लेकर आए जाएँ।

बता दें कि #DemolishPriyankaHimachalHome के अलावा इस समय कुछ लोग अवैध रूप से बनाए गए मस्जिद-मजार तोड़ने की माँग भी उठाने लगे हैं जिन्हें हाईवे और सड़क के बीच में खड़ा करके देश की प्रगति को रोका गया। लोगों का कहना है कि कानून तो सबके लिए समान होना चाहिए।

लोगों की माँग है कि महाराष्ट्र सरकार की करनी का जवाब हिमाचल सरकार ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करके दे। वहीं कुछ लोग हैं जो कंगना रनौत के मामले में पीएमओ से दखल करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही इस पूरे फैसले को कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच चल रही तनातनी बता रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग मीम्स शेयर करके ये बताना चाह रहे हैं कि अवैध प्रॉपर्टी पर बीएमसी की कार्रवाई सुन कर कॉन्ग्रेस अपनी कई संपत्तियों को लेकर सोच में हैं।

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