Thursday , October 1 2020

सिर्फ 2 महीने में 16 मामले: UP, MP, हरियाणा, दिल्ली सहित कई राज्यों में तेजी से पाँव पसार रहा है लव जिहाद

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में लव जिहाद जैसी गंभीर समस्या पर भले ही योगी सरकार अब सख्त होकर पूरे मामले में जाँच करवा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि ये किसी एक राज्य की परेशानी नहीं है। पूरे देश भर में लव जिहाद के ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं जिनमें हिंदू लड़कियों को प्रेम के जाल में फँसा कर पहले उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया, उनसे निकाह किया गया और फिर या तो उन्हें मार दिया गया या उन्हें साथ रख कर प्रताड़ित किया जाता रहा।

आज हम अलग-अलग शहरों के ऐसे ही कुछ हालिया केसों पर आपका ध्यान दोबारा आकर्षित करवाने जा रहे हैं ताकि ये ज्ञात रहे कि लव जिहाद कोई काल्पनिक संकल्पना नहीं है बल्कि वास्तव में कट्टरपंथियों की रची गई साजिश का हिस्सा है, जो आज हिंदू समाज के लिए नासूर बन गई है और न जाने कितनी हिंदू लड़कियों की जिंदगी तबाह कर रही है।

ताजा मामला आज मेरठ से आया है जहाँ 4 बच्चों का अब्बा अब्दुल्ला, अमन बन कर लड़कियों को फँसाता था और फिर उनका अपहरण करके उनके साथ दुष्कर्म करता था। पुलिस ने आज इस अब्दुल्ला को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। इसके अलावा एक बंटी खान नाम का युवक भी नाबालिग लड़की का अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ है।

पिछले दो महीने में लव जिहाद के कहाँ से कितने मामले?

  1. हरियाणा के पानीपत से पिछले महीने 22 अगस्त को 25 साल की विधवा के साथ लव जिहाद, मारपीट और गर्भवती होने के बाद घर से निकालने का मामला सामने आया था। महिला ने इस संबंध में अपनी शिकायत भी करवाई थी। महिला का कहना था कि उसे एक साल पहले एक गोल्डी नाम के लड़के ने प्रेम के जाल में फँसाया, पर बाद में पता चला कि उसका असली नाम निजामुद्दीन है। अपनी शिकायत में महिला ने बताया था कि जब उसने इस रिश्ते का विरोध किया तो उससे जबरन निकाह कर लिया गया और फिर उसे गर्भवती बना कर घर से निकाल दिया गया।
  1. हरियाणा के मेवात में स्थित तावड़ू में एक व्यक्ति ने 10-12 दिन पहले अपनी बेटी के गायब होने के बाद अपहरण का मामला दर्ज करवाया। शिकायत में लड़की के पिता ने कहा कि वर्ग विशेष का एक लड़का उसकी बेटी को अपने जाल में फँसाकर भगा ले गया। उन्होंने बताया कि लड़की युवक के कहने पर शुक्रवार की रात घर से नकदी और आभूषण भी अपने साथ ले गई। काफी छानबीन के बाद भी दोनों का कहीं कोई सुराग नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि आरोपित के मोबाइल पर घंटी तो जा रही है लेकिन वह रिसीव नही कर रहा।
  1. 13 सितंबर की खबर के अनुसार उत्तरप्रदेश के आगरा में ऐसे ही एक नाबालिग लड़की अपने घर से कुछ समय पहले नाराज होकर निकली और समुदाय विशेष का एक युवक इकरार उसे आकर हरियाणा ले गया। बाद में उसे कुछ दिन वहाँ रखा गया और फिर वह उसे अपने घर सहारनपुर ले गया। लड़की को घर ले जाने के बाद पहले उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया और बाद में उसका नाम इकराना रख कर उससे निकाह कर लिया गया। कुछ दिन पहले जब पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर पूरे मामले की छानबीन करके आरोपित इकरार को गिरफ्तार किया, तब मालूम चला कि इकरार ने लड़की को पहले अपना नाम रवि बताकर दोस्ती की थी और फिर धीरे-धीरे उसे प्रेम के जाल में फँसा लिया था।
  1. उत्तर प्रदेश के कानपुर में लव जिहाद का मामला जिस कारण गर्माया वो केस शालिनी यादव से फातिमा बनी लड़की का है। अभी कुछ महीने पहले ही 22 साल की शालिनी अपने घर से गायब हुई थी। बाद में पता चला कि उसने अब फैजल नाम के लड़के से निकाह कर लिया है और अपना नाम, धर्म, मैरिटल स्टेटस सब बदल लिया है। इस केस में लड़की के भाई ने आरोप लगाया था कि पूरा मामला लव जिहाद का है। उसकी बहन 10 लाख रुपए लेकर घर से निकली थी और उसे बहला फुसला कर फँसाया गया।
  1. पिछले महीने 25 अगस्त को लव जिहाद का एक मामला यूपी के लखीमपुर से सामने आया था। इस केस में मोहम्मद दिलशाद ने एक दलित लड़की को अपने प्रेम जाल में फँसाया और अपने मनसूबे नाकाम होता देख उससे बलात्कार करके बेहरमी से मार डाला। दरअसल, दिलशाद को गुस्सा इस बात का था कि उसने जिस लड़की के साथ प्रेम जाल रचा, उसके घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। पर दिलशाद चाहता था कि लड़की धर्म परिवर्तन करके उससे निकाह करे। जब लड़की ने इससे इंकार किया तो उसे धोखे से बुला कर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।
  1. यूपी के मेरठ में 31 जुलाई को समुदाय विशेष के कुछ युवकों ने अपने साथियों के साथ एक दलित लड़की को घर से उठाने का प्रयास किया। हालाँकि, जब परिवार ने विरोध किया तो लड़की किसी तरह उनसे बच गई। इस मामले में पुलिस में सुहेल के खिलाफ़ एफआईआर हुई। जिसमें युवती के परिजनों ने बताया कि सुहेल पिछले 6 महीने से नाम बदलकर उनकी बेटी से बात करता था। मगर जब लड़की को इस बारे में पता चला तो उसने बात करने से मना कर दिया। जिसके चलते उसे कई लोगों के साथ मिलकर घर से उठाने की कोशिश की गई।
  1. 23 जुलाई को मेरठ के ही परतारपुर में लव जिहाद का वीभत्स चेहरा सामने आया था। प्रिया नाम की महिला को पहले शमशाद ने कुछ साल पहले अमित गुर्जर बनकर फँसाया और फिर हकीकत खुलने पर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए कहने लगा। हालाँकि, प्रिया खुद को और अपनी बेटी को इन चीजों से बचाती रही। मगर, लॉकडाउन का फायदा उठाकर शमशाद ने दोनों को जान से खत्म कर दिया और घर में गड्डा खोद कर दफना दिया। इस केस का खुलासा प्रिया की सहेली चंचल के कारण पूरे 4 महीने बाद हुआ था।
  1. कानपुर के गोविंदनगर इलाके में भी पड़ताल में मालूम चला था कि एक आसिफ शाह नाम के युवक ने पहले एक हिंदू युवती को अपने जाल में फँसाया फिर उसका ब्रेनवॉश करके जबरन उसका धर्म परिवर्तन करवाया। बाद में लड़की खराब और मानसिक रूप से अस्थिर हालत में पाई गई। परिजनों की शिकायत पर इस मामले को धारा 366 के तहत दर्ज किया गया है।
  1. एक अन्य मामला कानपुर के बजरिया थाने में सामने आया। जहाँ लकी खान नाम के एक युवक ने अपना हिंदू नाम बता कर नाबालिग लड़की को अपने प्रेम जाल में फँसाया और उसकी अश्लील तस्वीरें ले कर इस्लाम धर्म कबूलने और निक़ाह करने के लिए युवती को ब्लैकमेल करने लगा। इस केस में भी लड़की के परिजनों ने लकी खान के ख़िलाफ़ एफआईआर करवाई और बताया कि लड़की मंदिर के बाहर फूल की दुकान लगाती थी। उससे दोस्ती करने के लिए लकी खान ने अपना नाम सिर्फ लकी ही बताया। जिससे युवती को आभास नहीं हुआ कि युवक संप्रदाय विशेष से है।
  1. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी पिछले महीने की 4 अगस्त को लव जिहाद का केस देखने को मिला। आउटर दिल्ली के किराड़ी इलाके में अनवर नाम के एक लड़के ने 20 साल की लड़की को अपना नाम अनु बताकर फँसाया और फिर कई महीनों तक उसके साथ बलात्कार करता रहा। सबसे पहले उसने जब युवती के साथ गलत काम किया तब उसने उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ डाल कर पिलाया था। फिर उसके बेहोश होते ही उसका बलात्कार किया और पूरी घटना को शूट कर लिया। बाद में यह सिलसिला चलता रहा। एक बार उसने लड़की को विश्वास में लेने के लिए उससे मंदिर में शादी भी की। मगर कुछ समय बाद पता चला वह अनु नहीं अनवर है।
  1. दिल्ली के ही ओखला में सिंतबर की शुरुआत में दो पक्षों में विवाद का मामला सामने आया था। इस केस को पहले पुलिस ने मारपीट का मामला बताया था। हालाँकि बाद में मीडिया खबरों से इस केस में लव जिहाद एंगल का खुलासा हुआ। साथ ही ये भी पता चला था कि आरोपित राजा ने पीड़ित की छोटी बेटी को सल्लन ने लल्लन बनकर फँसाया था और कुर्शीद ने बड़ी बेटी को राजा बनकर। मगर, जब दोनों बहनों को हकीकत का पता चला और उन्होंने रिश्ते से इंकार किया तो गाड़ी पार्किंग का बहाना करके उनके परिवार पर हमला बोल दिया गया।
  1. कानपुर के ही एक अन्य केस में हाल में पीड़िता ने मीडिया से खुद आपबीती साझा की। लड़की ने बताया कि शीबू अली नामक लड़के ने उससे सचिन बनकर दोस्ती की और फिर धीरे-धीरे अपनी बातों में फाँसता गया। जब अफेयर शुरू हुआ तो उसकी हरकतों से लड़की को मालूम हुआ कि सचिन मुसलमान है और उसका नाम शीबू है।

    पीड़िता के अनुसार, लड़का उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। उसके साथ मारपीट करता था। इतना ही नहीं, एक बार तो उसने लड़की को मौलवी के साथ संबंध बनाने के लिए उकसाया। जब लड़की ने इंकार किया तो उसे पीटा गया। बाद में वह भागकर अपने घर आ गई। हालाँकि तब भी शीबू रुका नहीं, उसने दोबारा उसको फुसलाया और फिर उसे अपने साथ रख कर वही दबाव बनाने लगा। जिसके चलते लड़की एक दिन घर आ गई। लेकिन 14 अगस्त को शीबू ने उसे बुलाकर दोबारा वही सब करना चाहा और इंकार करने पर उस पर चाकू से हमला कर दिया गया।

  1. मध्य प्रदेश का ग्वालियर भी लव जिहाद से अछूता नहीं है। 16 अगस्त को सामने आए एक वीडियो के बाद पता चला कि वहाँ एक महिला है जिसे जम्मू कश्मीर के युवक ने झूठी पहचान बताकर फँसाया और फिर शादी कर ली। हालाँकि जब महिला उसके घरवालों से मिली तब उसे लड़के के मजहब का भान हुआ और पता चला लड़के का नाम साहिल कुमार नहीं शौकत अली है। इसका खुलासा होने के कुछ दिन बाद उन्होंने महिला को पीट-पीट कर भगा दिया था। वीडियो में उसने अपने शरीर के घाव भी दिखाए।
  1. बिहार के हरलाखी थाने में 20 अगस्त को एक नाबालिग के अपहरण का मामला सामने आया था। हालाँकि, इस केस में लव जिहाद का एंगल था या नहीं ये कहना मुश्किल है। लेकिन ये बात एक दम सच है कि तीन बच्चों का पिता आरोपित शाबिर जब 14 साल की लड़की को लेकर भागा तो उसके परिवार वालों का कहना यही था कि लड़की का धर्मपरिवर्तन करवाने ले गए हैं। लड़की ने भी बरामद होने के बाद यही बताया कि उसका अपहरण करके उससे सिर्फ़ अल्लाह का नाम लेने को कहा जाता था।
  1. मेरठ में आज 16 सितंबर को कंकरखेड़ा से एक अब्दुल्ला नाम का युवक गिरफ्तार हुआ। इस पर आरोप है कि यह अमन बनकर लड़कियों को फँसाता और फिर उनका अपहरण करके उनके साथ दुष्कर्म करता। उसने हाल में 3 सितंबर को एक युवती का अपहरण किया था। जिसकी बरामदगी 13 दिन बाद हुई। 42 वर्षीय अब्दुल्ला 4 बच्चों का अब्बा बताया जा रहा है।
  2. ताजा मामले की बात करें तो उत्तर प्रदेश के आगरा के इबादतनगर इलाके से बंटी खान ने 11 सिंतबर को एक नाबालिग को अगवा किया था। बंटी ने टिकटॉक के जरिए पहले लड़की से दोस्ती की थी और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद यूपी पुलिस ने आज बंटी खान समेत 7 को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और किशोरी बरामद कर ली गई।
  3. उत्तरप्रदेश के बागपत जिले के खेखड़ा गाँव में भी पिछले दिनों लव जिहाद का एक मामला उजागर हुआ था। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया था कि एक दूसरे समुदाय का लड़का आदिल शादीशुदा महिला को भगा कर ले गया। 7 महीने बीत जाने के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं है। अगर उसे जल्द नहीं मिली तो वह हंगामा करेंगे। हालाँकि पुलिस की कार्रवाई के बाद एक हफ्ते पहले पीड़िता बरामद कर ली गई और आरोपित को जेल भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि देशभर में इस्लामी कट्टरपंथ की देन यानी लव जिहाद के ये केवल चुनिंदा मामले हैं। जिन्हें आपके सामने उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है। वरना देश के विभिन्न राज्यों में आज ऐसे अनेकों घटनाएँ हैं जहाँ यदि पड़ताल की जाए तो एक तय पैटर्न साफ नजर आता है। मगर, दुखद बात ये है कि जब भी इस मामले को कोई दल या संगठन प्रमुखता से उठाता है तो एक निश्चित तबके के लोग इसे समाज की अखंडता के खिलाफ़ बताते हैं और दक्षिणपंथियों के दिमाग की उपज करार देने में जुट जाते हैं।

वामपंथ का गढ़ कहे जाने वाले केरल में लव जिहाद के कई मामले पिछले कुछ समय में सामने आए हैं। एक मुस्लिम सम्मेलन की ओर से हाल में प्रेस रिलीज जारी करके यह बात कही गई थी कि केरल में लव जिहाद के नाम पर हिन्दू महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है। हाल में ISIS ज्वॉइन करने वाले जो 21 लोग पकड़े गए हैं उनमें से आधी महिलाएँ हैं जो हिन्दू थीं, इनका धर्मांतरण करवाया गया।

इससे एक बात साफ हो जाती है कि लव जिहाद का खेल केरल में जोरों से चल रहा है। इसके अलावा केरल में लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं ने ईसाइयों की चिंता भी बढ़ाई है। कुछ समय पहले केरल के सबसे बड़े चर्च साइरो मालाबार ने इस पर गहरी चिंता जताई थी। साइरो मालाबार मीडिया कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया था कि लव जिहाद के नाम पर ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है।

लव जिहाद में नजर आता है एक पैटर्न

लव जिहाद को लेकर आज भी जिन लोगों के मन में संदेह उत्पन्न होता है या इतने मामले पढ़ने के बाद भी उन्हें लगाता है कि ये सब समाज का ही हिस्सा है तो उन्हें इन केसों में कुछ खास बिंदुओं पर गौर करने की आवश्यकता है। ये वो बिंदू हैं जो लव जिहाद से जुड़े हर दूसरे मामले में देखने को मिल जाएँगे।

जैसे इन केसों में प्रायः, संप्रदाय विशेष का युवक का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होता, और युवक खुद या तो बेरोजगार होता है या फिर छोटे-मोटे काम करके अपना पेट पालता है। लेकिन, सोचने वाली बात ये है कि जब उन लोगों को हिंदू लड़कियों को फँसाना होता है तो अचानक खुद को मेंटेन रखने के लिए इनके पास पैसे आ जाते हैं। वह महँगे कपड़े पहनते हैं, महँगे तोहफे खरीदते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात जब वह पकड़े जाते हैं तो कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए उन्हें अव्वल दर्जे की कानूनी मदद भी मिलती है।

इन सबको देखते हुए सवाल तो बनता है न कि आखिर हिंदू लड़कियों से प्रेम के दौरान खुद को सजाने के लिए उनके पास पैसा कहाँ से आता है? शालिनी यादव के केस में उसके भाई ने पूछा था कि फैजल बेरोजगार है, और उसके पिता फर्नीचर डीलर हैं, तो उसके पास आखिर शालिनी को पहले कानपुर से दिल्ली और दिल्ली से प्रयागराज ले जाने के पैसे कहाँ से आए? किसने उसे फंड दिया? आखिर कैसे उसका केस वरिष्ठ वकील न केवल दिल्ली हाईकोर्ट में लड़ रहे हैं, बल्कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी लड़ रहे हैं?

यहाँ बता दें कि लव जिहाद मामले में कई बार सामूहिक रूप से किए गए अध्य्यन में पाया गया कि समुदाय विशेष के युवक सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाकर हिंदू लड़कियों को फँसाते हैं। वह पहले हिंदुओं की तरह वेशभूषा धारण करते हैं फिर उनसे रिश्ता बनाकर शारीरिक संबंध स्थापित करते हैं। कई बार इस अपराध की वीडियो बना ली जाती है। बाद में रिकॉर्डिंग दिखा कर या तो उनका धर्म परिवर्तन हो जाता है या फिर निकाह।

ऐसे अधिकतर रिश्ते शरिया कानून के हिसाब से ही चलते हैं जहाँ लड़की का धर्म परिवर्तन अनिवार्य बताया जाता है। ये लड़कियाँ अधिकांश 15-20 साल की होती हैं। जब निकाह के बाद इन लड़कियों के परिवार इन्हें छोड़ देते हैं तब इन्हें ऐसे बंधन में बाँध कर रखा जाता है जहाँ औरत को कोई अधिकार नहीं होते। जब वह आवाज उठाती हैं तो उन्हें कई बार प्रताड़ित किया जाता है और कई बार जान से मार दिया जाता है।

साथ ही, ऐसे कई मामलों में यह भी देखा गया है कि लड़कियों का सामूहिक शारीरिक शोषण से ले कर, अपने दोस्तों, भाई, पिता आदि से बलात्कार तक करवाते हैं। जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो पता चलता है कि लक्ष्य प्रेम का नहीं, बल्कि हिन्दू लड़कियों और उनके परिवारों को समाज में नीचा दिखाना और परिवारों को तबाह करना होता है।

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