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सड़क, रेलवे स्टेशन के बाद अब क्या मंदिर पर कब्जे की थी साजिश

मोहम्मद चाँद और फैजल ने मथुरा के नंदबाबा मंदिर में घुस कर पढ़ी नमाज: हिन्दू-मुस्लिम एकता की दी दुहाई, FIR दर्ज

मथुरा/लखनऊ। मथुरा के नंदबाबा मंदिर में दो मुस्लिम व्यक्तियों द्वारा नमाज पढ़ने के बाद तनाव का माहौल पैदा हो गया है, जिसके बाद मंदिर के प्रबंधन को सफाई देनी पड़ी। लोकप्रिय नंदबाबा मंदिर में ये घटना 4 दिन पहले की है, जब इन दोनों ने वहाँ ‘जौहर की नमाज’ अदा की। रविवार (नवंबर 1, 2020) को इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद हिन्दू संगठन भी नाराज़ हो गए। मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने पुलिस में तहरीर दायर की है।

इसके आधार पर FIR भी दर्ज कर ली गई है। मथुरा में मोहम्मद चाँद सहित 4 युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। एसएसपी ने जानकारी दी है कि फैसल खान और चाँद मोहम्मद समेत 4 युवकों के विरूद्ध धारा 153-A, 295 ,505, के तहत बरसाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने ख़ुफ़िया विभाग को मामले की जाँच सौंप दी है। मंदिर में नमाज पढ़ कर तस्वीरें वायरल किए जाने के पीछे क्या मंशा थी, इसकी जाँच हो रही है।

दरअसल, गुरुवार (अक्टूबर 29, 2020) को नन्दगाँव के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में दोपहर को दो युवक अपने साथियों के साथ हरी टोपी लगा कर पहुँचे। एक व्यक्ति ने अपना नाम फैजल खान बताया और अपने साथ आए साथियों का परिचय मोहम्मद चाँद, नीलेश गुप्ता और आलोक रतन के रूप में दिया। उन लोगों ने बताया कि वो मंदिर के सेवायत पुजारी कान्हा गोस्वामी के दर्शन हेतु आए हैं और हिन्दू-मुस्लिम एकता में विश्वास रखने वाले लोग हैं।

वो अपने मोबाइल फोन में कई हिन्दू साधु-संतों और महंतों के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाने लगे, ताकि उन पर यकीन कर लिया जाए। इसके बाद वो लोग सीधे गेट संख्या 2 के पास पहुँचे। कोरोना महामारी के कारण मंदिर में लोगों की चहल-पहल उतनी नहीं है, जिसका फायदा उठा कर फैजल और चाँद वहीं पर नमाज पढ़ने लगे और बाक़ी दोनों ने तस्वीरें क्लिक कीं। वहाँ खड़े लोगों ने नमाज पढ़ने से लाख मना किया, लेकिन वो नहीं माने।

नीलेश गुप्ता व आलोक रत्न खुद को गाँधीवादी कार्यकर्ता बताते हैं। जहाँ हिन्दू संगठनों में इसे लेकर आक्रोश है, ‘कौमी एकता मंच’ के मधुबन दत्त चतुर्वेदी इसे सांप्रदायिक सौहार्दता की मिसाल बता रहे हैं। आरोपितों का कहना था कि वो ’84 कोस की यात्रा’ पर आए थे। मोहम्मद चाँद और फैजल दिल्ली की ‘खोदाई खिदमतगार’ संस्था के सदस्य हैं। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयाँ सुना सबको अपने हिन्दू-मुस्लिम एकता प्रेमी होने का यकीन दिलाया और बिना अनुमति नमाज पढ़ी।

बरसाना थाने में दर्ज हुई FIR

सेवायत कृष्ण मुरारी उर्फ कान्हा गोस्वामी ने कहा कि उन्हें मथुरा के नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज पढ़े जाने की कोई जानकारी नहीं है। फैजल ने अपने फेसबुक अकाउंट से तस्वीरें पोस्ट की। भाजपा नेता प्रेम श्रोत्रिय ने कहा कि मंदिर में नमाज अदा कर शांत माहौल को बिगाड़ने का काम किया गया है। वहीं पंकज गोस्वामी ने इसे मंदिर की गरिमा के साथ खिलवाड़ करार दिया। नंदन लाल ने पूछा कि क्या मस्जिदों में रामायण-गीता का पाठ होता है?

फैजल खान ने मंदिर प्रबंधन को विश्वास में लेने के लिए रामायण की चौपाई ‘रामहि केवल प्रेम पियारा, जान लेहि सो जान निहारा’ का इस्तेमाल किया था। उसने श्रीकृष्ण और उनके मित्र उद्धव के बीच प्रेम और ज्ञान को लेकर हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान ने प्रेम को ऊपर रखा था। उसने दावा किया कि उसका ग्रुप दिल्ली से सायकल से आया है। उसने ये भी कहा कि जो श्रीराम और श्रीकृष्ण का रास्ता है, वही पैगंबर का रास्ता है।

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