Wednesday , December 2 2020

मीडिया पर महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र पुलिस की बर्बरता का www.iwatchindia.com घोर निंदा व विरोध करता है |

‘कितनों का गला दबाएगी सोनिया सेना, सच्चाई दिखाना गलती है?: अर्णब गोस्वामी के साथ खड़े हुए कंगना और कपिल मिश्रा

‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर के ले गई, जिसके बाद अभिनेत्री कंगना रनौत और भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने उद्धव ठाकरे सरकार की इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि आज अर्णब गोस्वामी के घर में घुस कर पुलिस ने मारा-पीटा है और उनके बाल नोचे हैं, उस तरह से आप कितने घर तोड़ेंगे, कितने गले दबाएँगे और कितनों के बाल नोचेंगे? उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र सरकार कितनों की आवाज़ें दबाएँगी?

कंगना रनौत ने महाराष्ट्र की सरकार को ‘सोनिया सेना’ करार देते हुए कहा कि उनसे पहले तो कितने ही बलिदानियों के गले काटे गए और उन्हें लटका दिया गया, सिर्फ फ्री स्पीच के लिए। उन्होंने कहा, “एक आवाज़ बंद करेंगे तो कई आवाज़ें उठ जाएँगी। कितनी आवाजों को बंद करेंगे आप?” कंगना ने पूछा कि आपको कोई पेंगुइन, पप्पू सेना या सोनिया सेना कहता है तो गुस्सा क्यों आता है? उन्होंने कहा कि आप ये सब हो, तभी कोई कहता है।

इसके अलावा भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अर्णब गोस्वामी के पास जो पुलिस गई है, ऐसा ‘पुलिसिया अत्याचार’ मीडिया के खिलाफ पहली बार दिख रहा है। उन्होंने पूछा कि अर्णब गोस्वामी की गलती क्या है, सवाल उठाना गलती है या फिर सच्चाई दिखाना गलती है? उन्होंने पूछा कि अपने दम पर इतना बड़ा चैनल खड़ा कर देना गलती है या फिर बाकी चैनल पीछे छूट गए, इसकी सज़ा दी जा रही है।

कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि अर्णब गोस्वामी के साथ-साथ मीडिया और मीडिया की आज़ादी को कुचलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस ‘लोकतंत्र की हत्या’ के खिलाफ किसी को भी चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इसे मीडिया का गला दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि हथियारबंद पुलिस एक पत्रकार के घर में घुस कर उनके घर को गाड़ियों से घेर कर दिखाना क्या चाहती है?

कपिल मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र इस प्रकार से नहीं चल सकता है, ये महाराष्ट्र सरकार को समझ आ जाना चाहिए। उधर अब ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ भी नींद से जाग गई है और उसने महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अपील की है कि अर्णब गोस्वामी के साथ न्यायोचित व्यवहार किया जाए और सरकार के आलोचकों के खिलाफ सत्ता की शक्ति का इस्तेमाल न किया जाए। कंगना और कपिल मिश्रा, दोनों ने अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी के लिए उद्धव को निशाना बनाया।

अर्णब ने अपने रिपोर्टर के सामने पुलिस वैन से अपनी बात रखते हुए बताया कि न केवल पुलिस ने उनके साथ मारपीट व दुर्व्यवहार किया बल्कि उनके बेटे को भी पीटा। उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस ने उन्हें उनके परिवार तक से नहीं मिलने दिया। उन्हें उनके सास-ससुर से भी बात नहीं करने दी गई। चैनल का कहना है कि अर्णब के घर पहुँची पुलिस टीम के पास कोई समन, दस्तावेज या कोर्ट के पेपर तक नहीं थे।

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