Wednesday , January 27 2021

क्या तृणमूल-क्या वाम: बंगाल में ‘कमल’ खिलाने की होड़, जनवरी तक BJP के साथ 60-65 MLA के आने का अनुमान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल के समय में हमने वहाँ राजनीतिक हिंसा में तेजी देखी है। खासकर, सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों द्वारा बीजेपी से जुड़े लोगों को निशाना बनाने के कई मामले सामने आए हैं। इस बीच, राज्य में भाजपा का दामन थामने की होड़ शुरू हो गई है तो दूसरी ओर टीएमसी में इस्तीफों की लाइन लग गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 48 घंटे के भीतर टीएमसी में 9 इस्तीफे हो चुके हैं। बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह का मानना है कि अगले साल जनवरी तक टीएमसी के 60 से 65 विधायक उनके साथ आ सकते हैं। इस बीच यह खबर भी आई है कि माकपा विधायक तापसी मंडल भी ‘कमल’ थामने जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के लिए मुश्किलों का सिलसिला दिग्गज नेता शुभेन्दु अधिकारी के कैबिनेट से इस्तीफे के बाद शुरू हुआ है। उनके अलावा 5 और वरिष्ठ नेताओं ने 72 घंटों पार्टी से नाता तोड़ा है। खबरों के मुताबिक, उत्तर 24 परगना के बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र के टीएमसी विधायक शीलभद्र दत्ता और उत्तरी काठी से विधायक बनाश्री मैती ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

उत्तरी काठी से विधायक बनाश्री मैती ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अटकलें लगाई जा रही है कि शुभेंदु अधिकारी के साथ वह भी बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। वहीं दत्ता ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को लिखे एक पत्र में कहा है, “ मैं अखिल भारतीय तृणमूल कॉन्ग्रेस की सदस्यता के साथ पार्टी की ओर से मिले अन्य पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूँ।”

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, आज ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी को छोड़ने वाले केवल दत्ता ही नहीं थे। पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महासचिव टीएमसी नेता कबीरुल इस्लाम ने भी पार्टी पद से अपना इस्तीफा दे दिया है।

केवल टीएमसी ही नहीं अब माकपा में भी इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो चुका है। पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया की माकपा की विधायक तापसी मंडल ने माकपा से नाता तोड़ने की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, वह शनिवार को मेदिनीपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभा में भाजपा में शामिल होंगी।

उल्लेखनीय है कि ये इस्तीफे टीएमसी के नेता और दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (SBSTC) के अध्यक्ष (Rtd) कर्नल दिप्तांगशु चौधरी द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद आए है। सेवानिवृत्त कर्नल चौधरी ने सीएमओ की शिकायत और मॉनीटरिंग सेल के सलाहकार के पद से में भी अपना इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद इस्तीफा सौंपने वाले चौधरी पार्टी के तीसरे दिग्गज नेता हैं।

वहीं इस्तीफा देने वाले अन्य दो नेता आसनसोल के विधायक जितेंद्र तिवारी और अभिजीत आचार्य हैं। जितेंद्र तिवारी ने आसनसोल नगर निगम के अध्यक्ष, प्रशासक बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपना पद छोड़ा, तो वहीं अभिजीत आचार्य ने पश्चिम बर्धमान के उपाध्यक्ष के रूप में पद छोड़ दिया। इस बीच, टीएमसी के निचले स्तरों पर कई अन्य कार्यकर्ता पार्टी को अपने इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि तिवारी और अधिकारी के इस्तीफे के बीच यह खबरें भी सामने आई कि अगले कुछ दिनों में उनके भाजपा में शामिल होने की संभावना है। गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर जा रहे हैं। उम्मीद है कि इसी मौके पर टीएमसी के बागी नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा टीएमसी ने हालही में ईस्ट मिदनापुर में पार्टी की महासचिव कनिष्क पांडा को निष्कासित कर दिया था, जिन्हें अधिकारी का करीबी सहयोगी माना जाता है। कथित तौर पांडा ने अधिकारी की सुरक्षा वापस लेने पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाया था।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति