Thursday , June 24 2021

उप्रः नई शिक्षा नीति के साथ कदम-ताल मिला रहे आंगनबाड़ी के नौनिहाल : स्वाती सिंह

लखनऊ। कभी आंगनबाड़ी केन्द्र सिर्फ फाइलों तक सिमटा रहता था, वह आज नई शिक्षा नीति के साथ कदम-ताल मिलाने के लिए तैयार है। इसके साथ ही समय से बच्चों को ठीक से व समय पर ड्राई राशन मिले, इसके लिए सरकार ने समुचित व्यवस्था की है। इसके लिए विभागीय काल सेंटर बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश से लाभार्थियों व एसएचजी ग्रुप के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों से भी फीडबैक लेता रहता है। नौनिहालों को खेल-खेल में पढ़ाने के लिए भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिये जाने की शुरूआत हो गयी है। ये बातें उत्तर प्रदेश सरकार में महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्ग दर्शन में सबसे पहले भ्रष्टाचार मुक्त कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अभी गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एसएचजी के माध्यम से ड्राई राशन की व्यवस्था की जा रही है। एसएचजी ग्रुप ही ड्राई राशन का वितरण करेंगे। सभी कार्यों की सही से मानिटरिंग करने की व्यवस्था की गयी है। लाभार्थियों को हर योजना का लाभ मिले, इसके लिए कई कदम उठाये गये। मानिटरिंग करने के लिए लखनऊ में काल सेंटर स्थापित किया गया। वहां से लाभार्थी, स्वयं सहायता समुह व आंगनबाड़ी केन्द्रों से हमेशा फीडबैक लिया जाता है। कोई भी गड़बड़ी पाये जाने पर कार्रवाई होती है।
उन्होंने कहा कि यदि हम देश- दुनिया के साथ कदमताल मिलाते हुए उनसे एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश नहीं करेंगे तो फिर पिछड़ जाना पड़ेगा। इसको ध्यान में रखकर नौनिहालों को नई शिक्षा नीति के साथ जोड़ते हुए उन्हें उसी उम्र से खेल-खेल में पढ़ाई की आदत डालने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सुपरवाइजर को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसकी शुरूआत वाराणसी के सेवापुरी से हो चुकी है। वे मास्टर ट्रेनर पुरे प्रदेश में सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।
स्वाती सिंह ने कहा कि केन्द्र व राज्य की सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति भी विशेष सजग है। हमेशा उन्हें जागरूक करने से लेकर गर्भ धारण के समय चेकअप आदि की समुचित व्यवस्था की गयी है। महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए भी प्रदेश सरकार ने कई अहम कदम उठाये हैं, जिससे महिलाओं के चेहरों पर खुशी देखी जा सकती है।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति