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कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर भारतीय जनता पार्टी  (BJP) ने 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है। दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने अपने कार्यकाल में दिल्ली जल बोर्ड को ₹41,000 करोड़ का लोन दिया था, जिसमें से ₹26,000 करोड़ का कोई अता-पता नहीं है।

प्रदेश कार्यालय में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने CAG रिपोर्ट समेत कई दस्तावेज मीडिया को दिखाए। उन्होंने कहा कि सरकार के खातों से पिछले 5 साल में जल बोर्ड को स्थनांतरित किए गए 26,000 करोड़ रुपए का हिसाब केजरीवाल, सत्येन्द्र जैन या राघव चढ्ढ़ा देने को तैयार नहीं हैं। आदेश गुप्ता ने कहा:

“दिल्ली जल बोर्ड पिछले 6 सालों में अरविंद केजरीवाल की करतूतों के कारण ‘दलाली जल बोर्ड’ बन गया है। मात्र 5 वर्षों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड को 41,000 करोड़ रुपए का लोन दिया था, जिसमें से 26,000 करोड़ रुपए का कोई हिसाब-किताब ही नहीं है। दिल्ली के टैक्स पेयर का 26000 करोड़ रुपए ह़ड़पने के बाद केजरीवाल सरकार डकार तक नहीं ले रही है।”

राष्ट्रीय राजधानी में पानी की स्थिति व सीएम केजरीवाल के विकास मॉडल पर बात करते हुए आदेश गुप्ता ने कहा, “ 28.8% घरों के अंदर नल द्वारा पानी नहीं पहुँच रहा है, इसका सीधा मतलब है कि 1/4 दिल्ली में पानी की सप्लाई नहीं है। AAP सरकार सिर्फ दिल्ली जल बोर्ड में 26,000 करोड़ रुपए का घोटाला कर दिल्ली की जनता का पैसा उड़ा रही है।” उन्होंने कहा कि कि ये हम नहीं कह रहे, खुद दिल्ली सरकार की रिपोर्ट यह बात कह रही है।

उन्होंने बताया, “दिल्ली की अनुमानित 1800 अनाधिकृत कॉलोनियों में से सिर्फ 561 कॉलोनियों में सीवरेज प्लांट डाले गए हैं और उसकी भी स्थिति दयनीय है। ऐसा दिल्ली सरकार की खुद की रिपोर्ट में ही लिखा है। साल 2015 में जितना पानी पीने योग्य बनता था, आज 6 साल बाद भी स्थिति वैसी ही है, उसमें 5 प्रतिशत की भी वृद्धि नहीं हुई है। मतलब पिछले 6 सालों में दिल्ली की जनसंख्या तो बढ़ी है, लेकिन जल बोर्ड के काम करने का तरीका जस का तस रहा है। केजरीवाल ये दावा करते हैं कि दिल्लीवालों को यमुना में नहलाकर आचमन कराएँगे, लेकिन यमुना पहले से ज्यादा जहरीली हो गई है।”

इस कॉन्फ्रेंस मे नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “घोटालों की जाँच करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा का 2 दिवसीय सत्र बुलाएँ और दिल्ली जल बोर्ड के घोटालों पर चर्चा कराए, क्योंकि उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वो तथ्यों के साथ हैं। दिल्ली की जनता को वो साफ करें कि आखिर 26,000 करोड़ रुपए का जो घोटाला किया गया है, उन पैसों को किन-किन मदों में लगाया गया है। केजरीवाल की नीयत यदि साफ है तो उन्हें इन पैसों का हिसाब देने में कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए।”

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