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राहुल गांधी ने उठाई कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग; BJP बोली- ‘पहले पंजाब के काले कानून वापस लो’

नई दिल्‍ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमला बोला है जिसके जवाब में बीजेपी ने उन्हें पंजाब के ‘कठोर’ कृषि कानूनों की याद दिला दी। राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा- “अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है- ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन।” हालांकि, बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पंजाब में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू किए गए अनुबंध कृषि कानून के ‘कठोर प्रावधानों’ को लेकर सवाल किया है।

पंजाब में लागू अनुबंध कृषि कानून किसानों को अनुबंध का सम्मान नहीं करने पर 5 लाख रुपये का जुर्माना देने या 5 महीने की जेल भुगतने के लिए उत्तरदायी होने का प्रावधान करता है। कांग्रेस सरकार को ‘कठोर प्रावधान’ वाले कानून बनाने के लिए फटकार लगाते हुए, बीजेपी के गौरव भाटिया ने राहुल गांधी से पूछा कि “कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ‘काला कानून’ को कब रद्द करने जा रही है?”

इससे पहले, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी पंजाब में अनुबंध कृषि कानून पर एक दस्तावेज साझा किया था और कहा था कि ‘केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों में किसानों के लिए इस तरह के कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं हैं।’

कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी चक्का जाम

गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 73वें दिन भी जारी है। कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े किसानों ने ऐलान किया था कि वे शनिवार को सड़क पर उतरेंगे और देशभर में चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा था कि कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तराखंड को छोड़ पूरे देश में किसान विरोध प्रदर्शन करेंगे और दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सभी राज्यों और जिलों के हाई-वे जाम करेंगे।

बता दें कि देश के कई हिस्सों में चक्का जाम के तहत विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर जम्मू में किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया जिसमें से एक प्रदर्शनकारी ने कहा- ‘हम सरकार से इन कानूनों को रद्द करने की अपील करते हैं। हम दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हैं।’

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