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PM मोदी का विपक्ष पर निशाना, विरोध के लिए ढेरों मुद्दे, लेकिन देश का मनोबल न गिराएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर जवाब दे रहे हैं। पेश है लाइव अपडेट-
11:12AM, 8th Feb
प्रधानमंत्री ने कहा- 
भारत के राष्ट्रवाद पर चौतरफा हो रहे हमले से आगाह करना जरूरी है। भारत का राष्ट्रवाद न तो संकीर्ण है, न स्वार्थी है, न आक्रामक है। ये सत्यम, शिवम, सुंदरम मूलों से प्रेरित है। ये वक्तव्य आजाद हिन्द फौज की प्रथम सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी का है।
हमारा लोकतंत्र किसी भी मायने में वेस्टर्न इंस्टीट्यूशन नहीं है। ये एक ह्यूमन इंस्टीट्यूशन है। भारत का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थानों के उदाहरणों से भरा पड़ा है। प्राचीन भारत में 81 गणतंत्रों का वर्णन मिलता है।
11:07AM, 8th Feb
किसानों के मुद्दे पर बोले प्रधानमंत्री
– सदन में किसान आंदोलन की भरपूर चर्चा हुई है। ज्यादा से ज्यादा समय जो बात बताई गईं वे आंदोलन के संबंध में बताई गईं। किस बात को लेकर आंदोलन है उस पर सब मौन रहे। जो मूलभूत बात है, अच्छा होता कि उस पर भी चर्चा होती।
– लोकतंत्र को लेकर यहां काफी उपदेश दिए गए हैं, लेकिन मैं नहीं मानता हूं कि जो बातें यहां बताई गईं हैं, उसमें देश का कोई भी नागरिक भरोसा करेगा। भारत का लोकतंत्र ऐसा नहीं है कि जिसकी खाल हम इस तरह से उधेड़ सकते हैं।
– इस कोरोनाकाल में भारत ने वैश्विक संबंधों में एक विशेष स्थान बनाया। वैसे ही भारत ने हमारे फेडरल स्ट्रक्चर को इस कोरोनाकाल में, हमारी अंतर्भूत ताकत क्या है, संकट के समय हम कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। ये केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर कर दिखाया है।
11:00AM, 8th Feb
– विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कोरोना से लड़ाई के उपायों का मजाक उड़ाया जा रहा है। इस विरोध के तरीके से देश को अपमान होता है। उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भर पथ पर चल रहा है। मानव जाति के कल्याण के लिए वैक्सीन बनाई। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है। भारत को दुनिया ने तीसरा देश माना जो वैक्सीन लेकर आया है। कोरोना से लड़ाई के लिए पीएम मोदी ने राज्यों को भी बधाई दी।
– सदन में पीएम मोदी ने मैथिलिशरण गुप्त की कविता पढ़कर सुनाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय दुनिया नजरें भारत की तरफ हैं।
10:52AM, 8th Feb
पीएम मोदी ने कहा-
– भारत के लिए दुनिया ने बहुत आशंकाएं जताई थीं। विश्व बहुत चिंतित था कि अगर कोरोना की इस महामारी में भारत अपने आपको संभाल नहीं पाया तो न सिर्फ भारत पूरी मानव जाति के लिए इतना बड़ा संकट आ जाएगा, ये आशंकाएं सभी ने जताईं।
– कोरोना की लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, किसी व्यक्ति को नहीं जाता है। लेकिन हिन्दुस्तान को तो जाता है।
गर्व करने में क्या जाता है? विश्व के सामने आत्मविश्वास से बोलने में क्या जाता है?
– हम सभी के लिए यह भी एक अवसर है कि हम आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, ये अपने आप में एक प्रेरक अवसर है। हम जहां भी, जिस रूप में हों मां भारती की संतान के रूप में इस आजादी के 75वें पर्व को हमें प्रेरणा का पर्व मनाना चाहिए।
10:47AM, 8th Feb
– जो देश युवा हो। जो देश उत्साह से भरा हुआ हो। जो देश अनेक सपनों को लेकर संकल्प के साथ सिद्धि को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हो। वो देश इन अवसरों को कभी जाने नहीं दे सकता।
– अनेक चुनौतियों के बीच राष्ट्रपतिजी का इस दशका का प्रथम भाषण हुआ, लेकिन ये भी सही है जब पूरे विश्व पटल की तरफ देखते हैं, भारत के युवा मन को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि आज भारत सच्चे में एक अवसरों की भूमि है। अनेक अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं।
– पूरा विश्व अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मानव जाति को ऐसे कठिन दौर से गुजरना होगा, ऐसी चुनौतियों के बीच।
– राज्यसभा में करीब 13-14 घंटे तक 50 से अधिक माननीय सदस्यों ने अपने बहुमूल्य विचार रखे। इसलिए मैं सभी आदरणीय सदस्यों का हृदय पूर्वक आभार व्यक्त करता हूं।

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