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59 कारसेवक जला दिए गए थे जिंदा… उस गोधरा कांड का मुख्य आरोपित रफीक हुसैन गिरफ्तार, 19 साल से था फरार

पुलिस ने 19 साल बाद गोधरा साबरमती एक्सप्रेस नरसंहार कांड के मुख्य आरोपित रफीक हुसैन भटुक को गोधरा शहर से गिरफ्तार कर लिया है। 51 वर्षीय रफीक हुसैन भटुक 2002 से फरार चल रहा था। बता दें कि इस घटना में 59 कारसेवकों की मौत हुई थी, जब मुस्लिम भीड़ द्वारा ट्रेन के एक कोच में आग लगा दी गई थी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पंचमहल जिले की पुलिस अधीक्षक लीना पाटिल ने कहा कि 51 साल का रफीक हुसैन भटुक गोधरा कांड के आरोपियों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था जोकि पूरी साजिश में लिप्त था। उन्होंने बताया कि रफीक हुसैन भटुक पिछले 19 सालों से फरार चल रहा था।

गुप्त सूचना के आधार पर गोधरा पुलिस ने रविवार (14 फरवरी) रात को रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सिग्नल फलिया के एक घर में छापेमारी की और भटुक को वहाँ से गिरफ्तार किया।”

पाटिल ने बताया, “भटुक आरोपितों के उस मुख्य समूह का हिस्सा था, जिन्होंने गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन कोच को जलाने की पूरी साजिश रची थी, जिसके लिए उसने भीड़ को उकसाया और ट्रेन के कोच को जलाने के लिए पेट्रोल का इंतजाम किया था। जाँच के दौरान नाम सामने आने के तुरंत बाद वह दिल्ली भाग गया था।”

बता दें कि गोधरा कांड के मुख्य आरोपित के खिलाफ हत्या एवं दंगा फैलाने समेत अन्य आरोप भी हैं। पाटिल ने कहा कि वो आगे की जाँच के लिए गोधरा रेलवे पुलिस को उसे सौंप देंगे।

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2002 को हुए गोधरा कांड में 59 कारसेवक मारे गए थे, जिसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। भटुक ने ही इस पूरी घटना की साजिश रची थी। जिसके चलते जिंदा कारसेवकों को आग में झोंक दिया गया था। आज भी इस घटना को याद कर लोगों के रूह कांप जाते है।

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