Monday , May 17 2021

टूलकिट मामले में शिवसेना कनेक्शन: जिस शांतनु के खिलाफ गैरजमानती वारंट, उसके पिता-चाचा-भाई सब हैं पार्टी में

नई दिल्‍ली। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे ‘किसान’ आंदोलन की चर्चा अब टूलकिट पर आकर टिक गई है। किसानों के समर्थन में ट्वीट करने वाले जाने-पहचाने नाम साजिश का हिस्सा बताए जा रहे हैं। जाँच एजेंसियों का कहना है कि किसान आंदोलन के नाम पर देश को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा गया, लिहाजा इस प्रकरण में शामिल लोगों की गिरफ्तारियाँ की जा रही हैं।

दिशा रवि फिलहाल गिरफ्तार हो चुकी हैं और निकिता जैकब व शांतनु मुलुक के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। जानकारी ये भी सामने आई है कि 20 जनवरी से 27 जनवरी तक शांतनु टिकरी बॉर्डर पर मौजूद था और किसानों के आंदोलन में शामिल हुआ था।

इस बीच महाराष्ट्र में भाजपा नेता राम कदम ने खुलासा करते हुए बताया कि शांतनु मुलुक का शिवसेना से संबंध है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “शांतनु मुलुक बीड से शिवसेना जिला प्रमुख का चचेरा भाई है। शिवसेना का असली चेहरा आया सामने।”

राम कदम ने बताया कि शांतनु के चाचा सचिन मुलुक, शिवसेना के जिला अध्यक्ष हैं। शांतनु के पिता शिवलाल मुलुक शिवसेना से ही नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। शांतनु का चचेरा भाई चुलत भाऊ भी बीड में शिवसेना का जिला प्रमुख है।

दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई नई जानकारी के मुताबिक, शांतनु 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई दिल्ली हिंसा के समय तक टिकरी बॉर्डर पर था लेकिन इसके बाद वह वहाँ से चला गया। दिशा रवि के अलावा शांतनु और बॉम्बे हाईकोर्ट की वकील निकिता जैकब पर भारत की छवि को धूमिल करने के इरादे से किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी टूलकिट बनाने का आरोप है।

गौरतलब है कि 15 फरवरी को इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी। दिल्ली पुलिस साइबर सेल के ज्वाइंट सीपी प्रेम नाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “11 जनवरी 2021 को पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (PJF) ने एक जूम मीटिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग में निकिता जैकब, शांतनु, एमओ धालीवाल व अन्य शामिल हुए। इस मीटिंग में निर्णय लिया गया कि इस कैंपेन को विश्व स्तर पर फैलाया जाए। धालीवाल का मकसद इस मुद्दे को बड़ा बनाना और किसानों के बीच असंतोष व गलत जानकारी फैलाना था। यहाँ तक कि एक किसान की मौत को भी गोली से हुई मौत बताया गया।”

दिल्ली पुलिस ने बताया कि विवादित टूलकिट निकिता और उसके साथी शांतनु व दिशा ने तैयार की थी। इस टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट को शांतनु के ईमेल अकाउंट से बनाया गया था। पुलिस ने बताया कि ये लोग एक वॉट्सऐप ग्रुप पर जुड़े थे, ये ग्रुप 6 दिसंबर को बनाया गया था।

ज्वाइंट कमिश्नर प्रेम नाथ ने बताया कि दिशा के फोन से जानकारी मिली है कि उसने अपने साथी शांतनु और निकिता के साथ मिलकर टूलकिट डॉक्यमेंट बनाया। दिशा की जो दोस्त फ्राइडे फॉर फ्यूचर नामक पर्यावरण नामक आंदोलन से जुड़ी हैं, उसमें एक ग्रेटा थनबर्ग हैं, उनको टेलीग्राम पर यह टूलकिट भेजी गई। यानी पुलिस के मुताबिक, जिस टूलकिट को लेकर ये पूरा विवाद है, वो दिशा की तरफ से ग्रेटा थनबर्ग को भेजी गई थी।

पुलिस ने दिशा के फोन से जुड़ी अपनी जाँच के आधार पर ये भी बताया कि 3 फरवरी को ओनर्स राइट लेकर टूलकिट डॉक्यूमेंट से जुड़े लिंक हटा दिए गए। इन तथ्यों के आधार पर 13 फरवरी को दिशा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति