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उन्नाव प्रकरण पर CM याेगी ने दी प्रतिक्रिया, घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, जानिए – क्या कहते हैं विपक्षी नेता

लखनऊ/उन्नाव। उत्तर प्रदेश का उन्नाव जिला महिला और बेटियों की सुरक्षा के मामले में अपनी साख खोता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला बुधवार की रात को। जब जनपद के असोहा थाना क्षेत्र स्थित गांव में बुआ-भतीजी समेत उनकी चचेरी बहन सरसों के खेत में बंधी पाई गईं। घटना के बारे में जिसने भी सुना उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। साथ ही छोटा सा गांव दो घंटे के भीतर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि इनमें से बुआ-भतीजी ने तो दम ताेड़ दिया है, लेकिन जो तीसरी बहन थी उसकी नाजुक हालत को देख कानपुर के अस्पताल में उसे भर्ती करा दिया गया है। चूंकि मामला अनुसूचित जाति की बेटियों से जुड़ा है तो उन्नाव से लखनऊ तक के प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई और पूरा गांव लगभग छावनी में तब्दील हो गया। देर रात लखनऊ से उक्त गांव पहुंचे एडीजी एसएन साबत और आइजी लक्ष्मी सिंह ने एसपी आनंद कुलकर्णी व डीएम रवींद्र कुमार के साथ मिलकर घटना स्थल का निरीक्षण शुरू किया।

क्या है पूरा मामला 

असोहा थानाक्षेत्र की 13 व 17 वर्षीय बेटियां और उनके भतीजे की 16 वर्षीय बेटी बुधवार शाम खेत से चारा लेने की बात कहकर घर से निकली थीं। देर शाम तक उनके घर नहीं आने पर स्वजन खोजबीन में जुट गए। रात करीब आठ बजे खेतों की तरफ पहुंचने पर तीनों एक ही दुपट्टे और चादर से बंधी अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने बुआ और भतीजी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरी 17 वर्षीय किशोरी कानपुर के अस्पताल में आइसीयू में भर्ती है। बुआ-भतीजी के शव मॉच्र्युरी में रखवाए गए हैं। जिला अस्पताल में पता चला कि गंभीर हालत में मिली किशोरी के मुंह से झाग निकल रहा है। डॉक्टर ने जहरीला पदार्थ खाने के कारण ऐसी स्थिति की आशंका जताई है।

सीएम योगी ने घटना पर जताया दुख

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार की शाम चार बजे ट्वीट कर उन्नाव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस पर उन्होंने लिखा कि अस्पताल में भर्ती पीड़िता का सरकारी व्यय पर बेहतर और निश्शुल्क इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

घटनास्थल से ट्विटर तक पहुंचा मामला 

जैसा कि हमने बताया चूंकि मामला अनुसूचित जाति की बेटियों से जुड़ा है तो इससे राजनीति कैसे पीछे हट सकती थी। पहले तो तरह-तरह के कयास लगाये जाने लगे और जब आइजी लखनऊ समेत तमाम प्रशासनिक अफसरों ने अटकलों पर विराम लगाया तो मामला ट्विटर तक जा पहुंचा। मामले को लेकर हैशटैग सेव उन्नाव की बेटी ट्रेंड करने लगा और देखते ही देखते हजारों की तादात में रीट्वीट किए गए, जिससे इस हैशटैग ने ट्विटर पर पहला पायदान हासिल कर लिया।

घटना के बाद से तुरंत आने लगे थे ट्वीट 

बुधवार को उन्नाव की अनहोनी की खबर आते ही यह बात पूर देश में आग की तरह फैल चुकी थी। तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष समेत कई क्षेत्रीय पार्टियों ने घटना की निंदा की। गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया। उन्होंने हाथरस, बदायूं और उन्नाव की घटना को रेखांकित करते हुए भाजपा पर हमला बोला।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने बुधवार को लिखा योगी आदित्यनाथ जी का राज बेटियों के लिए कब्रगाह बन चुका है, इसके अलावा उन्होंने बुधवार को किए गए ट्वीट में लिखा मैं बेटियों के साथ हूं।

बेटियों के हक में कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया और लिखा यूपी सरकार महिला मानवाधिकारों को कुचलती जा रही है।

वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने फेसबुक वॉल पर पीड़ित पक्ष को नजरबंद किए जाने का विरोध व्यक्त किया।

प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी निंदा करते हुए इस घटना को शर्मनाक बताया और सरकार के मिशन शक्ति पर सवाल उठाए।

इनके अलावा सुहेलदेव पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर, उन्नाव की पूर्व सांसद और वर्तमान में समाजवादी पार्टी की नेता अन्नू टंडन, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, समाजवादी पार्टी ने भी ट्वीट किए हैं। घटना को लेकर सभी ने कानून व्यवस्था के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है।

 

 

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