Friday , June 18 2021

लाल फुल गोभी, दो बिस्वा में एक लाख रुपये की हुई कमाई

-गाजीपुर के उन्नतशील किसान पंकज राय ने नेटशेड में की खेती

-लाल फुल गोभी स्वास्थ्य के लिए होती है काफी फायदेमंद, खेत से ही पूरी बिक्री

लखनऊ। जहां पर आधुनिक खेती एक सपना था, वहां पर आज इसके नये नये रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं मिर्च तो कहीं केला, टमाटर के साथ ही विभिन्न तरह की ये खेती लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कश्मीरी केसर से लेकर लाल, हरी फूल गोभी सब कुछ यहां उपलब्ध है। गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद तहसील स्थित करईल क्षेत्र में किसानों ने कुछ ऐसा ही कमाल दिखाया है। यहां किसानों ने आधुनिकता को अपनाया और कुछ वर्षों में ही वह खुशहाल हो गये। करीमुद्दीनपुर के किसान पंकज राय इन्हीं में से एक हैं। अभी उन्होंने लाल गोभी का परीक्षण के तौर पर लगाई है। उन्होंने दो बिस्वा के नेट शेड में एक लाख रुपये की लाल फुल गोभी बेची है।

पंकज राय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं से प्रभावित होकर उनके मन में आधुनिक खेती का विचार दो साल पूर्व आया और उन्होंने नेटशेड को लगवाया। कश्मीरी केसर को भी यहां लगवाया गया। उन्होंने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि इस वर्ष परीक्षण के तौर पर दो बिस्वा नेट शेड में दो हजार लाल फुलगोभी के पौधें रोपवाए। पौध भी खुद के यहां तैयार करवायी। छह सौ रुपये में बीज मंगाया था। कुल खर्च दो हजार रुपये के लगभग आया और एक लाख रुपये में बिक्री हुई है।

उन्होंने बताया कि सामान्य सफेद फुल गोभी जहां दस से बारह रुपये में बिकी, वहीं लाल गोभी खेत से ही 50 रुपये प्रति की दर से बिक गयी। पंकज कहते हैं कि हम अपना बाजार बनाने में भी सफल हुए हैं। लोग दूर-दूर से आकर खेत से ही हर उत्पाद लेकर चले जाते हैं। पंकज ने बताया कि लाल गोभी की विशेषताओं के बारे में पढ़ा था कि यह स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक होता है। इसलिए लोगों तक इसे मुहैया कराने के बारे में सोचा। बड़ी बात है कि यह हमारे वातावरण के अनुकूल है। अगले साल इसकी खेती बड़े पैमाने पर करेंगे।

उन्होंने बताया कि लाल पत्ते वाली गोभी की खेती तो अधिक होती है, लेकिन लाल फुल गोभी देखने को बहुत ही कम मिलती है। लाल गोभी की विशेषता है कि इसमें कैलोरी कम होती है। यह एक अच्छा फाइबर का स्त्रोत है जो वजन कम करने में सहायक है। इसमें फाइटो केमिकल एंटीऑक्सीडेंट राइबोफ्लेविन और मिनरल पाए जाते हैं, जिससे मनुष्य स्वस्थ होता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। आर्गेनिक विधि से तैयार करने से इसकी गुणवत्ता में और वृद्धि हो जाती है।

अभी गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी पंकज राय से मिले थे और उनकी खेती की बात सुनकर बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने अपने ट्वीटर पर भी इसकी प्रशंसा की।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति