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असम का गमछा, पुडुचेरी की नर्स: PM मोदी ने हँसते-हँसते ली कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

कोरोना की जिस वैक्सीन पर सवाल उठा रहा था विपक्ष, प्रधानमंत्री ने वही लगवाकर दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली। अब जब आम लोगों को कोरोना के खिलाफ बनी वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 के पहले ही दिन सुबह-सुबह कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने दिल्ली AIIMS में कोरोना वैक्सीन ली। प्रधानमंत्री ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी शेयर की।

PM मोदी को जो वैक्सीन दी गई, वो ‘भारत बायोटेक’ की वैक्सीन है। पुडुचेरी की सिस्टर पी निवेदिता ने उन्हें वैक्सीन दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान देश के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की तारीफ करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने इतने कम समय में अद्भुत कार्य कर के कोविड-19 के खिलाफ दुनिया की लड़ाई में योगदान दिया है, वो असाधारण है।

पीएम मोदी ने आम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि जो भी इसके पात्र हैं, वो कोरोना का टीका जरूर लें और भारत को कोरोना मुक्त करने में आगे बढ़ें।

बता दें कि कोरोना वैक्सीन के मामले में भारत दुनिया के कई देशों की सहायता कर रहा है। खासकर पड़ोसी और गरीब देशों को ‘वैक्सीन मैत्री’ के तहत मुफ्त टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

फ़रवरी के मध्य तक भारत ने विश्व समुदाय के लिए 229.7 लाख यानी सवा दो करोड़ से ज्यादा कोरोना टीकों की खुराक की आपूर्ति कर दी थी। इनमें से 64.7 लाख खुराक अनुदान सहायता के तौर पर भेजी गई थी जबकि 165 लाख खुराक की आपूर्ति वाणिज्यिक आधार पर की गई थी।

उम्मीद है कि खुद प्रधानमंत्री द्वारा आगे बढ़ कर वैक्सीन लेने से विपक्ष के वो नेता इसे लेकर अफवाहें फैलाने से बाज आएँगे, जो लगातार देश के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धि को नीचा दिखाने में लगे थे। इससे पहले वैक्सीन सिर्फ फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही दी जा रही थी, लेकिन अब आमजनों के लिए भी इसकी व्यवस्था की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई. देश में 1 मार्च से कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है, ऐसे में पीएम मोदी ने सोमवार सुबह-सुबह वैक्सीन लगवाई. वैक्सीन को लेकर देश में कई प्रकार की बयानबाजी सामने आई थी, यहां तक कि विपक्ष की ओर से भी पीएम मोदी को वैक्सीन लगवाने की चुनौती दी गई थी.

सबसे खास बात ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जो वैक्सीन लगवाई, वो भारत बायोटेक की कोवैक्सीन है. दिल्ली के एम्स में पीएम मोदी ने कोवैक्सीन का डोज लिया. इस वैक्सीन को भारत बायोटेक ने डेवलेप किया है. विपक्ष द्वारा इस वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने पर काफी सवाल खड़े किए गए थे, साथ ही वैक्सीन की गंभीरता पर भी निशाना साधा गया था.

इतना ही नहीं, भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट के बीच भी वैक्सीन को लेकर विवाद हुआ था. लेकिन अब पीएम मोदी ने भारत बायोटेक की ही को-वैक्सीन की डोज लेकर सभी प्रश्न चिन्हों पर लगाम लगा दी है.

भारत बायोटेक की वैक्सीन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे, पहले इसके तीसरे फेज के ट्रायल, फिर डाटा और उसके बाद सरकार से इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया को निशाने पर लिया गया था.

‘पहले पीएम लगवाएं वैक्सीन’
कांग्रेस की ओर से कई बार बयान दिया गया कि देश में वैक्सीन के प्रति विश्वास जगाने के लिए सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही वैक्सीन लगवानी चाहिए. कांग्रेस नेता अजीत शर्मा ने वैक्सीनेशन के शुरुआत में ही ये बयान दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को सबसे पहले वैक्सीन लगवानी चाहिए.

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिक्र किया था कि दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष वैक्सीन लगवा रहे हैं, क्या भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वैक्सीन को लगवाएंगे.

‘बीजेपी की वैक्सीन पर सवाल’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तो वैक्सीन पर ही सवाल खड़े कर दिए थे. अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें भाजपा की वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, ऐसे में जब उनकी सरकार आएगी तो वो सभी को मुफ्त में वैक्सीन लगवाएंगे.

सोमवार से शुरू हुआ वैक्सीनेशन 2.0
गौरतलब है कि सोमवार को भारत में वैक्सीनेशन 2.0 का आगाज हुआ है. इसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, साथ ही 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले (20 गंभीर बीमारी वाले) लोगों को वैक्सीन दी जाएगी.

बता दें कि देश के करीब 10 हजार सरकारी सेंटर्स पर मुफ्त में वैक्सीन मिल रही है, जबकि प्राइवेट सेंटर्स पर ये वैक्सीन 250 रुपये प्रति डोज के हिसाब से दी जाएगी.

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