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गोरखपुर में 2017 में हुए ऑक्सीजन कांड के आरोपित कफील खान कोरोना के इलाज के लिए ‘स्टेरॉयड’ के इस्तेमाल की सलाह दे फिर फँसे

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 2017 में हुए ऑक्सीजन कांड के आरोपित डॉ कफील खान अब सोशल मीडिया पर लोगों को कोरोना से बचने की सलाह दे रहे हैं। बिना चिकित्सकीय देखरेख के इस्तेमाल पर जिन दवाओं से गंभीर नुकसान हो सकता है कफील खान उसे लोगों को खुद से लेने की सलाह दे रहे हैं।

खान द्वारा दिए गए सुझाव का स्रोत कनाडा के एक डॉ जैन चागला हैं, जो संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ हैं।

हालाँकि, ऑपइंडिया एक जिम्मेदार मीडिया प्लेटफॉर्म होने के कारण आपसे ये अनुरोध करता है कि किसी भी दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

सोशल मीडिया पर डॉ कफील की जानकारी के बाद लोगों ने स्टेरॉयड के जोखिमों के बारे में उन्हें याद दिलाया, जिसके बाद उन्होंने एक अन्य ट्वीट करते हुए कहा कि “डेक्सामेथासोन” को केवल प्रशिक्षित डॉक्टर देखरेख में ही सेवन किया जाना चाहिए। हालाँकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और ट्वीट को सैकड़ों रीट्वीट और हजारों लाइक मिल चुके थे।

बता दें कि वर्ष 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण 72 शिशुओं की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने इलाज में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया। बाद में डॉ कफील खान को गिरफ्तार भी किया गया था।

दो साल बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने जाँच के बाद लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों को वापस ले लिया था। लेकिन, डॉक्टर कफील खान पर निजी क्लीनिक चलाने समेत दो अन्य आरोप लगाए गए। मामले में उन्हें 9 महीने जेल में बिताने के बाद 2018 में रिहा कर दिया गया था।

इससे पहले सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने के मामले में विभागीय जाँच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने अक्टूबर में गलत सूचना फैलाने और निलंबन की अवधि में भी जबरन एक अस्पताल में घुसकर रोगियों के इलाज की कोशिश करने के मामले में नया जाँच शुरू की थी।

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