
गुलेरिया ने अपनी नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में बच्चों पर संक्रमण का असर बहुत कम देखा गया है। ऐसे में यह कहना सही नहीं कि तीसरी लहर में कोरोना का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर ही होगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना फैलने की जानकारी के संबंध में पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन ने कहा है कि यह जानकारी तथ्यों पर आधारित नहीं है। अत: इससे अनावश्यक रूप से डरने की जरूरत नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में बच्चों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। इस आधार कुछ विशेषज्ञों ने तीसरी लहर के बच्चों पर ज्यादा असर होने की आशंका जाहिर की है।