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लाल, पीला, हरा शिमला मिर्च : एक बिग्घा में बेच चुके हैं तीन लाख का, तीन लाख के बीज बिकने की है उम्मीद

लखनऊ/गाजीपुर। खेती चाहे जो भी करें लेकिन थोड़ा हटकर करें। तभी आप बाजार में जिंदा रहेंगे। लोगों के पास नहीं जाना पड़ेगा। लोग खुद आपके पास आएंगे। खेती भी किसी व्यापार से कम नहीं है। इसको भी जरा हटकर किया जाय तो दूसरे किसी व्यवसाय से ठीक है। इसका मिसाल हैं गाजीपुर जिले में आर्गेनिक ढंग से खेती करने वाले पंकज राय, जिन्होंने पहली बार कश्मीरी केशर का पाली हाउस में लगाया था और ठीक उत्पादन हुआ। उन्होंने लाल, पीला और हरा शिमला मिर्च भी 20 बिस्वा लगाया था, जिसमें तीन लाख रुपये का शिमला मिर्च बेच चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बीज के लिए भी छोड़ा है। उनका कहना है कि तीन लाख रुपये का बीज का नर्सरी लगाकर भी बिक जाएगा।
मुहम्मदाबाद तहसील के करीमुद्दीनपुर गांव के रहने वाले पंकज राय ने बताया कि ग्लोबलाइजेशन के बाद हमें हटकर और नया करना चाहिए। हर समय बाजार से संपर्क में रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह काम मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावित होकर किया। पंकज राय आर्गेनिक खेती करते हैं। इस वर्ष पाली हाउस में उन्होंने कश्मीरी केसर और बंगलौर से मंगाकर लाल, पीला व हरा शिमला मिर्च लगाया था। उनका हर उत्पाद पाली हाउस से ही बिक जाता है। अधिकारी व अन्य बड़े लोगों की गाड़ियां दिन भर उनके यहां सब्जी ले जाने के लिए खड़ी रहती हैं। दूर-दूर से लोग आकर वहां से भिंडी, करैला, लौकी आदि ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि लाल और पीला शिमला मिर्च 150 रुपये किलो बिका, जबकि हरा शिमला मिर्च 50 से 60 रुपये किलो बिका है।
उन्होंने कहा कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में इसकी नर्सरी पड़ी थी, अब इसकी समाप्ति हो जाएगी। सिर्फ पाली हाउस में बीज के लिए मिर्च को छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि शिमला मिर्च बंगलौर से 18000 रुपये प्रति किलो की दर से मंगाया था। 40 हजार रुपये के लगभग कुल खर्च आया था।

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