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योगी सरकार के कदमों का दिख रहा असर, UP के 55 जिलों में कोरोना के नए केस डबल डिजिट में सिमटे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अप्रैल में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस तीन लाख के पार थे। लेकिन, प्रदेश की योगी सरकार के ओर से युद्धस्तर पर किए गए पहलों की वजह से देश का सबसे आबादी वाला राज्य अब इस संक्रमण से उबरता दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों में जाँच से लेकर ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेड की किल्लत दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की वजह से 24 मई को प्रदेश में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 76703 पर आ गई थी।

इस बीच राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमितों के साथ ही पोस्ट कोविड से जूझ रहे मरीजों के लिए भी बड़ा फैसला किया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, आलोक कुमार ने बुधवार (मई 26, 2021) को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमण से ठीक होने के बाद जो मरीज पोस्ट कोविड लक्षणों से जूझ रहे हैं, यदि उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती होना पड़ता है तो उपचार निःशुल्क होगा।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के जिला अस्पतालों समेत सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सकों, दवाओं और उपकरणों की जानकारी आम जनता को देने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बुधवार को टीम-9 की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का एक डेटाबेस तैयार किया जाए।

एक तिहाई जिलों में कोरोना खात्मे की ओर

कोरोना के भयावह रूप को झेल चुके यूपी में एक बार फिर से जिंदगी पटरी पर लौटती नजर आ रही है। बीते दो महीने में हजारों जाने गँवा चुके प्रदेश के कई जिलों में आशा की नई बयार शुरू हो गई है। करीब एक तिहाई जिले ऐसे हैं, जहाँ कोविड के नए केसों की संख्या इकाई और दहाई में आकर सिमट गई है। एक जिला तो ऐसा भी है, जहाँ सोमवार (मई 24, 2021) को कोविड का एक भी नया केस नहीं मिला। इसके अतिरिक्त इनमें से ज्यादातर जिलों में मौतें भी शून्य पर पहुँच गई हैं।

मात्र एक महीने पूर्व प्रदेश में सक्रिय केसों की संख्या तीन लाख से ऊपर पहुँच चुकी थी जो अब 76703 पर आ गई है। कुछ दिन पूर्व ऐसा भी समय था जब एक दिन में नए केसों की संख्या 40 हजार के करीब पहुँच गई थी, आज वह चार हजार से नीचे पहुँच चुकी है।

सोमवार को प्रदेश के 75 जिलों में से 11 जिले ऐसे थे, जहाँ नए पॉजिटिव केसों की संख्या इकाई में पहुँच चुकी है। कौशाम्बी में तो यह संख्या शून्य है। इसी प्रकार 55 जिले ऐसे हैं, जहाँ नए केसों की संख्या दहाई में पहुँच गई है। इन 55 जिलों में भी 18 जिलों में कोरोना से मरने वालों की संख्या शून्य पर पहुँच चुकी है। 30 अप्रैल को राज्य में मंगलवार को 78% की गिरावट देखी गई, जिसमें केवल 69,828 सक्रिय मामले थे।

इन जिलों में नए केसों की संख्या दहाई में पहुँची

कानपुर नगर, प्रयागराज, गौतमबुद्धनगर, बरेली, मुरादाबाद, झाँसी, आगरा, लखीमपुर खीरी, बलिया, अलीगढ़, गाजीपुर, गाजीपुर, मथुरा, शाहजहांपुर, देवरिया, बाराबंकी, आजमगढ़, अयोध्या, सोनभद्र, रायबरेली, अमरोहा, चन्दौली, प्रतापगढ़, कुशीनगर, बदायूं, सुलतानपुर, उन्नाव, बिजनौर, इटावा, हरदोई, ललितपुर, शामली, सीतापुर, महाराजगंज, हापुड़, गोण्डा, रामरपुर, बस्ती, बहराइच, पीलीभीत, फर्रुखाबाद, एटा, मैनपुरी, अमेठी, संभल, कन्नौज, सिद्धार्थनगर, बागपत, फिरोजाबाद,संतकबीर नगर, मऊ, भदोही, बलरामपुर, अम्बेडकरनगर, श्रावस्ती तथा कासगंज।

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