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‘राम मंदिर में नहीं हुआ है कोई घोटाला’: ‘AAP नेता’ ने संजय सिंह पर लगाया पार्टी फंड चुराने का आरोप, बताया चाटुकार और झूठा

अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में जमीन घोटाले का आरोप लगाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह अब अपनी ही पार्टी में घिर गए हैं। ‘AAP के ही एक नेता’ ने उन्हें झूठा और राम विरोधी करार दिया। अरविंद केजरीवाल की ही पार्टी के एक अन्य नेता रत्नेश मिश्रा ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। रत्नेश मिश्रा ने खुद को AAP यूथ ब्रिगेड का प्रदेश प्रवक्ता बताया। ‘राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट पर लगे आरोपों से उन्होंने नाराज़गी जताई।

अयोध्या में प्रेस वार्ता कर के रत्नेश मिश्रा ने कहा कि जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगा कर संजय सिंह राम मंदिर को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। रत्नेश मिश्रा ने पार्टी आलाकमान की पोल खोलते हुए कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश था कि वो अयोध्या के संतों को राम मंदिर ट्रस्ट और भाजपा के खिलाफ बोलने के लिए तैयार करें। इस तरह से AAP भाजपा को हिन्दुओं के बीच ही बदनाम करना चाहती थी।

गोंडा के रहने वाले रत्नेश मिश्रा ने कहा कि उन्हें अयोध्या पहुँच कर इसका एहसास हुआ कि संजय सिंह पाप कर रहे हैं, क्योंकि जमीन खरीद मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के हर पहलू पर जब उन्होंने चर्चा की तो सारे आरोप झूठे निकले। उन्होंने संजय सिंह पर ओछा बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। भावुक रत्नेश ने बता कि उनके पिता का निधन कारसेवा के दौरान ही हुआ था, इसीलिए उनसे ज्यादा AAP में शायद ही किसी ने राम मंदिर के लिए काम किया होगा।

रत्नेश मिश्रा ने बड़ा आरोप लगाया कि संजय सिंह पार्टी का फंड खाते हैं और पार्टी का पैसा चुरा कर ही उन्होंने सुल्तानपुर में एक आलीशान मकान बनवाया है। उन्होंने कहा, “पार्टी फंड के रुपए चुराने वाले ने राम मंदिर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिससे मैं आहत हूँ। मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का सच्चा सिपाही हूँ और हमेशा रहूँगा। मैं उनसे माँग करूँगा कि संजय सिंह को पार्टी से निकाल बाहर किया जाए।”

रत्नेश मिश्रा ने संजय सिंह को ‘चाटुकार’ बताते हुए कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली पार्टी को भ्रष्टाचारी बना दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने न कोई घोटाला किया है, न ही कोई टैक्स चोरी हुई है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम में आस्था रखने वाले पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें जाँच के लिए भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय सिंह सीएम केजरीवाल तक किसी को पहुँचने ही नहीं देते हैं।

हालाँकि, रत्नेश मिश्रा के बारे में ये दावा भी किया जा रहा है कि उन्हें फरवरी 2021 में ही पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा कर निष्काषित किया जा चुका है। हाल ही पस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने बताया था कि उन्हें ट्रस्ट और बीजेपी का विरोध करने के लिए 100 करोड़ का ऑफर दिया था। लेकिन जब वह इसके लिए नहीं माने तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने तक का लालच दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद में घोटाला नहीं हुआ है।

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