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बिजनेस और शादी का लालच… मनु का धर्मान्तरण, दर्श सक्सेना बना रेहान अंसारी: पाकिस्तान, ISI और फंडिंग का जाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाल ही में एटीएस द्वारा धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी को लेकर एक और खुलासा हुआ है। एक पीड़ित मनु यादव के पिता ने उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आने की शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर पाकिस्तान के कॉलर ने फोन कर अपने बेटे को घर छोड़ने देने को कहा था।

मनु यादव के पिता ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला कि मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम ने मनु का धर्म परिवर्तन कराकर उसे मुस्लिम बना दिया है, वो उसे तुरंत घर वापस लाए। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, मनु के पिता राजीव यादव ने बताया है कि उनका बेटा हमेशा दोस्तों से मिलने की बात करता था।

धमकियों के बाद पिता ने घर से जाने दिया

राजीव यादव ने तमाम धमकियों और दवाब में आकर बेटे को घर से जाने दिया। रिपोर्ट के मुताबिक कतर और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिए धर्मान्तरण के लिए लगातार फंडिंग की जा रही है। इसी कारण धर्मान्तरण का यह गिरोह लगातार फल फूल रहा है।

अपनी माँ के संपर्क में है मनु

रिपोर्ट के मुताबिक, घर से जाने के बाद मनु लापता है, लेकिन वह अपनी माँ के संपर्क में है। उसने हाल ही में अपनी माँ को फोन कर यह बताया था कि कुछ दिनों में उसे विदेश भेज दिया जाएगा। जिन लोगों ने उसका धर्मान्तरण कराया है, वे उसका बिजनेस स्थापित करने और 2-3 साल में एक मुस्लिम महिला से शादी करने में मदद करेंगे।

धर्मान्तरण के पीड़ित अब तक 20 से ज्यादा परिवारों ने उत्तर प्रदेश एटीएस के समक्ष अपना अपना बयान दर्ज कराया है कि मोहम्मद उमर गौतम और जहांगीर कासमी ने उनके बच्चों का धर्मान्तरण कराया है। गौरतलब है कि एटीएस की पूछताछ में आरोपितों ने अब तक 1000 से भी अधिक लोगों के धर्मान्तरण की बात कबूली थी।

घर से गायब हुआ दर्श सक्सेना बना रेहान

इसी तरह एक अन्य पीड़ित की माँ ने अपनी कहानी बयाँ की है। इस माँ के अनुसार, धर्मान्तरण कर दर्श सक्सेना अब रेहान बन चुका है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी माँ ने धर्मान्तरण का आरोप लगाते हुए बताया है कि मई 2018 में दर्श घर से लापता हो गया था। ट्रूकॉलर ऐप पर उसका नाम रेहान के रूप में दिखता है। उस समय उन्होंने धार्मिक दुश्मनी से बचने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले में सेंट्रल नोएडा के एसीपी अब्दुल कादिर ने बताया है कि जिस वक्त दर्श घर से गायब हुआ, उसकी उम्र 17 वर्ष थी। तब 2018 में फेज 2 पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जाँच करने पर उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर उसका नाम मोहम्मद रेहान अंसारी के रूप में पाया। फिलहाल उसकी ये आईडी अब बंद हो चुकी है।

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