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बंगाल बजट सत्र के हंगामेदार होने का आसार: राज्यपाल धनखड़ ने किया ममता सरकार का पूरा अभिभाषण पढ़ने से इनकार

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के कामकाज के तरीके को लेकर राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ के बीच लंबे समय से तकरार चल रही है। खासतौर पर राज्य में चुनाव बाद हिंसा को लेकर दोनों के बीच तल्खी कुछ ज्यादा ही है। ऐसे में आज (शुक्रवार, 2 जुलाई 2021) से प्रदेश के विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो रही है, जिसके काफी हंगामेदार रहने के आसार है। राज्यपाल के अभिभाषण से दोपहर 2 बजे इसकी शुरुआत होगी, लेकिन गवर्नर ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो ममता सरकार की लिखी सभी चीजों को सदन में नहीं बोलेंगे।

सामान्यतया विधानसभा सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की योजनाओं और उसके कामकाज का महिमामंडन होता है। इसके अलावा उसमें आने वाली योजनाओं की झाँकियाँ भी होती हैं। हालाँकि, सीएम ममता बनर्जी और राज्यपाल धनखड़ के बीच तल्खी कुछ ज्यादा ही है। वह कई बार ममता सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल उठा चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बजट सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले गुरुवार (1 जुलाई 2021) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौराना दोनों नेताओं के बीच राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मुद्दे पर चर्चा हुई। अधिकारी ने शाह को बताया है कि वो विधानसभा सत्र के दौरान कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सदन के पटल पर लाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

ममता ने गवर्नर को कहा था भ्रष्ट

ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच तल्खी को इस तरीके से समझा जा सकता है कि हाल ही में सीएम ममता ने शब्दों की सीमाओं को लाँघते हुए राज्यपाल को भ्रष्ट करार दे दिया था। उन्होंने कहा, “आखिर केन्द्र सरकार ऐसे गवर्नर को क्यों मंजूरी देती है।”

ममता के आरोपों पर पलटवार करते हुए गवर्नर जगदीप धनखड़ ने इसे सनसनी फैलाने वाला बयान बताया। उन्होंने कहा कि किसी चार्जशीट में मेरा नाम नहीं है। जैन हवाला केस में किसी पर आरोप तय नहीं हुए हैं। सनसनी फैलाने के लिए ममता ने यह गलत जानकारी दी है। ममता के मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत है। मेरा किसी हवाला से कोई संबंध नहीं है।

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