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CU MMS कांड में छात्रों का धरना-प्रदर्शन खत्म, 2 वॉर्डन हुए सस्पेंड, यूनिवर्सिटी 6 दिन के लिए बंद

पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब थमता नजर आ रहा है। छात्रों ने इस मामले को लेकर अपना धरना-प्रदर्शन खत्म करने का फैसला किया है। दरअसल, विश्वविद्याल प्रसाशन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को मान लिया है। इस पर सहमति बनी है कि धरना-प्रदर्शन में शामिल किसी छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही 2 हॉस्टल वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया है।

फिलहाल, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को 6 दिन (24 सितंबर) के लिए बंद कर दिया गया है। कई छात्र अपने घर भी जाने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉस्टल की टाइमिंग बदल दी गई है। साथ ही लड़िकयों के हॉस्टल में पहनावे पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी। इसके अलावा, इस मामले में छात्रों की 10 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा, जिसे केस से जुड़े हर एक अपडेट दिए जाएंगे।

अब तक 3 आरोपियों की गिरफ्तारी
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने एक छात्रा को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश से 23 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया गया है जिसे उस छात्रा का बॉयफ्रेंड बताया जा रहा है। युवक को गिरफ्तार कर उसे पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने इस मामले में 31 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। इस तरह अब तक मौजूदा मामले में तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

कई छात्राओं का वीडियो बना कर लीक किए जाने की ‘अफवाह’ के बाद विश्वविद्यालय में आधी रात के बाद प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार छात्रा का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। किसी छात्रा के आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने नहीं आया है और इस मामले में किसी की मौत नहीं हुई है। भारतीय दंड संहिता की धारा- 354 सी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

यूनिवर्सिटी परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने रविवार शाम को फिर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों में से कुछ ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर घटना को दबाने का आरोप लगाया। अधिकांश प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहन रखे थे और उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए।

यूनिवर्सिटी ने सुसाइड के दावे अफवाह बताया

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर आर.एस. बावा ने एक बयान में कहा, ‘ऐसी अफवाहें हैं कि लड़कियों ने आत्महत्या की है, जबकि सच्चाई यह है कि किसी भी लड़की ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। घटना में किसी लड़की को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। एक और अफवाह है, जो मीडिया के माध्यम से फैल रही है कि विभिन्न छात्राओं का आपत्तिजनक एमएमएस मिला है। यह पूरी तरह से झूठ और निराधार है।’

हॉस्टल वार्डन पर एक सवाल के जवाब में, एसएसपी ने कहा कि उन्होंने (वार्डन ने) उस छात्रा से पूछताछ की, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसने किसी अन्य छात्र का वीडियो बनाया था। एक वीडियो में, विशेष रूप से वार्डन को कथित तौर पर छात्रा से पूछते हुए देखा जा सकता है, ‘तुमसे किसने वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहा? तुमको निलंबित कर दिया जाएगा।’ फिर वार्डन वहां मौजूद कुछ अन्य छात्राओं की ओर इशारा करते हुए दिखाई देती है और उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘क्या इन लड़कियों की इज्जत नहीं है? तुमने किसके कहने पर ऐसा किया? तुमको इसे बनाने के लिए किसने कहा?’

मामले पर राजनीतिक बयानबाजियां तेज

मुख्यमंत्री मान ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री मान ने ट्वीट किया, ‘चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में सुनकर दुख हुआ। हमारी बेटियां हमारा सम्मान हैं। मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं प्रशासन के संपर्क में हूं।’

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत विपक्षी नेताओं ने दोषियों के लिए सख्त सजा की मांग की है। बादल ने कहा कि सरकार को सभी तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए और कुछ दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। राज्य में नेता विपक्ष बाजवा ने कहा, ‘चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की घटना व्यथित कर रही है। इस अपराध के अपराधियों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए और मिसाल दिए जाने योग्य सजा दी जानी चाहिए।’

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