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‘शिमला बनेगी खालिस्तानी की राजधानी’: आतंकी संगठन का ऐलान, ब्रिटेन के बाद अब कनाडा में जनमत संग्रह, कहा – 26 जनवरी को भारत में रेफरेंडम

पंजाब को अलग देश बनाने की नापाक साजिश रच रहे खालिस्‍तानी आतंकियों ने ब्रिटेन के बाद अब कनाडा में जनमत संग्रह कराया है। कनाडा के ओंटारियो शहर में यह जनमत संग्रह (Referendum) कराया है। सिख आतंकवादी संगठन का दावा है कि इसमें 1,10,000 सिखों ने हिस्सा लिया है। सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू ने कहा, “हम हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को खालिस्‍तान (Khalistan) देश की राजधानी बनाएँगे।”

इसके साथ ही पन्‍नू ने ऐलान किया कि अगले साल 26 जनवरी को भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर पंजाब में खालिस्‍तान के समर्थन में जनमत संग्रह शुरू होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनाडा लगभग दस लाख सिखों का घर है। इनमें से अधिकतर खालिस्‍तान के कट्टर समर्थक हैं। उनमें से ज्यादातर मूल रूप से पंजाब के निवासी हैं। खालिस्‍तान समर्थकों को लेकर भारत और कनाडा के बीच अक्‍सर तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। कनाडा की ट्रूडो सरकार ने इसे ‘शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ बताते हुए ओंटारियो में जनमत संग्रह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

मालूम हो कि इससे पहले 23 जून 1985 को कनाडा के सिख आतंकवादियों ने एयर इंडिया फ्लाइट 182 पर बमबारी की थी, जो अटलांटिक महासागर के ऊपर 31,000 फीट (9,400 मीटर) की ऊँचाई पर मॉन्ट्रियल से लंदन के बीच हवा में किया गया विस्‍फोट था। इसमें सभी 329 यात्री मारे गए थे। इस फ्लाइट का मलबा अटलांटिक महासागर में आयरलैंड के तट पास 190 किमी की दूरी पर गिरा था। मारे गए लोगों में 268 कनाडा के, 27 ब्रिटेन और 24 भारतीय नागरिक थे। 11 सितंबर के अमेरिका पर हमले के बाद यह दुनिया में सबसे खतरनाक हवाई आतंकी हमला माना जाता है।

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के पिता की मौत बहुत पहले हो गई थी। भारत में रहने वाली अपनी माँ को उसने बताया था कि वह कनाडा में बहुत बड़ा वकील है। कुछ वर्ष पहले उसकी माँ की भी मौत हो गई। अब भारत में उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता।

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