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श्रीकृष्ण से छुटकारा, PM मोदी नीच, मंदिर शोषण का अड्डा: गुजरात के AAP अध्यक्ष घोर हिंदूविरोधी, जानें केजरीवाल क्यों एक्शन नहीं ले पाते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नीच‘ कहने वाले गुजरात में आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के हिंदू विरोधी होने के कई प्रमाण अब तक सामने आ चुके हैं। पहले उन्होंने एक वीडियो में कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण से छुटकारा दिलाने के लिए अरविंद केजरीवाल ‘अर्जुन’ बनकर आए हैं और अब उनकी एक पुरानी वीडियो वायरल हो रही है। इसमें वह मंदिरों को महिलाओं के शोषण का अड्डा बता रहे हैं।

इस पुरानी वीडियो में वो महिला आरक्षण एवं भारतीय समाज नामक किताब कैमरे पर दिखा रहे हैं, जिसके लेखक हरिमोहन धवन और अरुण कुमार हैं। किताब को मुश्किल से किसी प्लेटफॉर्म पर अच्छी रेटिंग मिली है। बावजूद इसके इटालिया इसे दिखाते हुए कहते हैं कि लड़कियों, महिलाओं और बेटियों को मंदिर या कथावाचनों में जाने से बचना चाहिए क्योंकि वहाँ केवल शोषण होता है।

अब इटालिया की ऐसी वीडियोज देख सवाल उठना जाहिर है कि आखिर उनके भीतर इतनी हिंदू घृणा आई कैसे? तो इसका जवाब देने के लिए एक ट्विटर यूजर विजय पटेल ने इटालिया पर और उनकी किस-किस से साँठ-गाँठ है, इस पर एक पूरा थ्रेड शेयर किया है। इसमें उन्होंने बता रखा है कि कैसे इटालिया के तार घोर वामपंथियों से पहले से जुड़े हैं जो न केवल गुजरात दंगों के नाम पर राजनीति करते हैं बल्कि भारत तोड़ो शीर्षक से कार्यक्रम भी कराते हैं।

2018 में ‘भारत तोड़ो’ कार्यक्रम का हिस्सा थे गोपाल इटालिया

विजय पटेल के थ्रेड में प्रमाणों के साथ बताया गया कि साल 2018 में हिंदू विरोधी शबनम अंसारी और उनकी विदेशी फंडों पर चलने वाली एनजीओ ने एक कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम का नाम था- भारत तोड़ो (Dismantling India)। इस आयोजन में जो शामिल हुए उसमें तमाम वामपंथियों के साथ अहमदाबाद के गोपाल इटालिया और ऑल्ट न्यूज की निर्झरी सिन्हा थीं।

इस कार्यक्रम पर जो रिपोर्ट तैयार हुई उसमें हर्ष मंदर, वामपंथी कविता कृष्णन जैसे तमाम लोगों के नाम लिस्ट में देखे जा सकते हैं। वहीं इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाली शबनम हाशमी खुद अनहाद नामक ऐसी एनजीओ की संस्थापक हैं जिसे पूर्व में न जाने कितनी ईसाई NGO से पैसा आ चुका है। उनकी एनजीओ ने मेधा पाटेकर और तीस्ता सीतलवाड़ जैसे लोगों के साथ भी काम किया है।

फोर्ड फाउंडेशन से गोपाल इटालिया और AAP का कनेक्शन

देखा जा सकता है कि शबनम हमेशा मोदी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में जमकर हिस्सा लेती रहीं। फिर वो चाहे सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट हों या फिर दिल्ली की सीमाओं को ब्लॉक करने वाले किसान प्रदर्शन।

इन्हीं सबमें शबनम का जिस शख्स ने बढ़-चढ़कर साथ दिया वो गुजरात में इस समय आप के अध्यक्ष गोपाल इटालिया हैं। 2018 में शबनम जब गुजरात दंगों को लेकर आयोजित कार्यक्रम के बारे में इंटरव्यू में अपना सारा प्लॉन बता रही थीं तो गोपाल उनके बगल में खड़े थे। इसके अलावा वहाँ गगन सेठी नामक शख्स भी था जो फोर्ड फाउंडेशन से जुड़ा है और खुद विदेशी फंड पर चलने वाली जनविकास एनजीओ का संस्थापक हैं।

अब ये कोई संयोग तो नहीं हो सकता है कि गोपाल इटालिया के संबंध पहले इन लोगों से होते हैं, फिर वह आप से जुड़ते हैं और आप को भी फोर्ड फाउंडेशन की ओर से फंड मिलने लगता है, उन्हें अवार्ड दिए जाने लगते हैं। वहीं इतनी हिंदू विरोधी बातें करने के बाद भी उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती।

विजय पटेल इन सब बिंदुओं पर गौर करवाकर बस यही सवाल पूछते हैं कि सोचिए अगर आम आदमी पार्टी सरकार में आएगी तो सरकार को कौन चलाएगा। क्या उसे आम आदमी पार्टी चलाएगी या उसमें शबनम हाशमी का हाथ भी होगा, जो भारत तोड़ने जैसे शीर्षक के साथ कार्यक्रम कराती हैं, मेधा पाटेकर होंगी, तीस्ता सीतलवाड़ होंगीं या हर्ष मंदर व अन्य वामपंथी होंगे जिन्होंने आजतक सिर्फ गुजरात के विकास परियोजना कार्यों में रोड़ा बनने का काम किया है।

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