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सुभाष पाण्डे होगा गिरफ्तार, सालों से सरकार की आंखों में झोक रहा धूल

सुभाष पाण्डेय

राज्य भंडारण निगम का प्रदेश व्यापी आंदोलन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग के अधीनस्थ राज्य भंडारण निगम मे कार्यरत अधिकांश कर्मचारियों द्वारा विगत कई वर्षों से भ्रष्टाचार को लेकर आवाज मुखर की जाती रही है लेकिन संगठनों के शिकायती पत्रों और उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अनसुना किये जाने के विरोघ में उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम नियमित आकस्मिक संविदा कर्मचारी यूनियन द्वारा आज प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार/कलमबंद हड़ताल की गयी है जिसके संबंध में प्रबंध निदेशक को पूर्व में नोटिस के माध्यम से अवगत करा दिया गया था। यूनियन द्वारा निगम में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण हेतु त्वरित कार्यवाही की अपेक्षा की गयी थी परंन्तु आश्वासन देने के उपरांत भी किसी समस्या का निस्तारण नही किया गया वहीं भ्रष्ट और जाली मार्कशीट पर कार्यरत सुभाष चन्द्र पाण्डे को संरक्षण देकर निगम को करोडों रुपये के राजस्व घोटाले कारित किये जा रहे है। यूनियन द्वारा श्रीकांत गोस्वामी की कार्यशैली पर आरोप लगाते है लिखा है कि माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त जनसुनवाईयों पर झूठी कार्यवाही का आश्वासन देकर शिकायतों का विलोपन प्रबंध निदेश द्वारा करके शासन प्रशासन को भ्रमित करने का कार्य किया जाता है। यूनियन द्वारा जाली मार्कशीट पर कार्यरत सुभाष चंद्र पाण्डे के संबंध मे वर्ष 2018 में अवगत करा दिया था परंतु कार्यवाही न करके जांच के नाम पर जाली मार्कशीट पर नौकरी हथियाए उप प्रबंधक को क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ का कार्यभार देकर लखनऊ मंडल में खाघान्न घोटाले का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीतियों को बार बार कहने पर भी फर्जी मार्कशीट और कूट रचित दस्तावेजों पर कार्यरत सुभाष पाण्डे पर कार्यवाही ना करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगा कर नौकरी करने वालों पर बाबा का बुलडोजर चलना अति आवश्यक है क्योंकि ऐसे व्यक्तियों द्वारा न सिर्फ योग्य अभ्यर्थियों के हक का हनन किया जा रहा है बल्कि अपनी दूषित मानसिकता से पूरे विभाग को भ्रष्टाचार रुपी दीमक से खोखला किया जा रहा है।
भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के पत्र दिनांक 22.10.2022, एवं यू.जी.सी. से प्राप्त जानकारी एवं कार्यालय रजिस्ट्रार, ई.आई.आई.एल.एम. विश्वविद्यालय, सिक्किम से प्राप्त ईमेल से प्रमाणित है कि उक्त यूनिवर्सिटी एम.एस.सी. (रसायन विज्ञान) के संचालन हेतु अधिकृत ही नही थी एवं सुभाष चन्द्र पाण्डे द्वारा उप प्रबंधक के पद पर नौकरी पाने हेतु परास्नातक की कूटरचित एवं फर्जी डिग्री का उपयोग किया गया है।
यूनियन द्वारा प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार/कलमबंद हड़ताल द्वारा भ्रष्टाचार से संबंधत शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही किये जाने की संभावना दिखती है और यदि प्रबंधक द्वारा निगम में कार्यरत समस्त नियमित/आकस्मिक संविदा कर्मियों की समास्याओं के निस्तारण/समाधान हेतु कोई कार्यवाही नही की जाती है तो एक बड़ें आंदोलन के रुप में राजधानी लखनऊ में प्रदेश के समस्त जिलों में कार्यरत कर्मचारियों का एक बड़ा प्रर्दशन सम्भावित है जिसमें यूनियन द्वारा मुख्यमंत्री के सम्मुख अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
श्रीकांत गोस्वामी के नेतृत्व में भंडारण निगम के लाभांश का गिरते स्तर के साथ साथ भंडार ग्रहों के घोटालों का नया कीर्तिमान स्थापित किया जा रहा है और कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जाली डिग्री पर कार्यरत सुभाष पांडे को क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ मंडल का प्रभार दिए जाने के बाद करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है लेकिन यूजीसी और यूनिवर्सिटी द्वारा सुभाष चन्द्र पाण्डे के शैक्षिक प्रमाण पत्र जाली प्रमाणित होने के उपरांत भी जांच लंबित करके सुभाष चन्द्र पांडे के माध्यम से करोड़ों रुपयों के टेंडर का निस्तारण कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बलडोजर का भी डर श्रीकांत गोस्वामी के आगे कारगर नहीं दिखाई देता है और विभिन्न सरकारी संस्थानों द्वारा जाली मार्कशीट प्रमाणित किये जाने के बाद भी सुभाष पांडे को वर्ष 2018 से जांच के नाम पर अभयदान देकर सरकारी राजस्व में बड़ा नुकसान और घोटाला कराया गया है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीकांत गोस्वामी अपने सुपुत्र के राजसी विवाह के उपरांत सुभाष चन्द्र पाण्डे पर कार्यवाही कर सकते है क्योकि पुत्र के विवाह को भव्य और आलीशान बनाने के लिये समस्त कार्यभार सुभाष चन्द्र पाण्डें को सौंपा गया है लेकिन यूनियन द्वारा किया जा रहा आंदोलन सम्भवतः सुभष चन्द्र पाण्डे के विरुध कानुनी कार्यवाही किये जाने का साधक बनेगा और उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की उपरंात सुभाष चन्द्र पाण्डें को गिरफ्तार किये जाने की सम्भावना से इंकार नही किया जा सकता।

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