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मुज्जफरपुर फिर देवरिया और अब हरदोई : हरदोई के सुधार गृह से ‘गायब’ हुईं 19 महिलाएं, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

हरदोई। देश भर में गूंज रहे देवरिया कांड के बीच यूपी के हरदोई से एक ऐसा मामला सामने आया है जो व्यवस्था की पोल तो खोलता ही है, कई सवाल भी खड़े करता है. सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रदेश भर में बालिका गृहों की चेकिंग की गई. हरदोई के जिलाधिकारी भी चेकिंग के लिए पहुंचे और उन्होंने जो देखा वो चौंकाने वाला था.

जिलाधिकारी पुलकित खरे शासन के निर्देश पर सोमवार को बेनीगंज स्थित सुधार गृह पहुंचे थे. रजिस्टर देखा तो 21 महिलाओं के नाम दर्ज थे लेकिन मौके पर केवल दो महिलाएं मौजूद थीं. उन्होंने संचालिका से पूछा तो बताया गया कि सभी महिलाएं आस पास ही गई हैं और लौटने वाली हैं.

इस पर जिलाधिकारी को शक हो गया, वे आशंका से भर गए. एक दिन पहले ही देवरिया कांड हुआ था. 19 महिलाएं कहां गईं ये सवाल अब उनके सामने था. जांच शुरू हुई तो एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने व्यवस्था और सुधार गृह पर सवाल खड़े कर दिए.

जिलाधिकारी पुलकित खरे बताते हैं, “इन लोगों ने आस-पास की महिलाओं के नाम रजिस्टर में दर्ज किए हुए थे. जब कोई जांच होती तो ये इन महिलाओं को बुला लेते थे. ये सारा फर्जीवाड़ा अनुदान के लिए किया जा रहा था.”

संचालिका और अधीक्षिका ने जिलाधिकारी को बताया था कि महिलाएं मंदिर और अस्पताल गई हैं. मंगलवार को जांच करने के दौरान भी इन लोगों का जवाब यही था. मौके पर 13 महिलाएं भी थीं लेकिन डरी हुई थीं और कुछ तो रो भी रही थीं.

एक किशोरी राधा ने बताया कि उसे एक घंटे के लिए सुधारगृह की सहायिका नीरू तिवारी ने यहां बुलाया था लेकिन काफी वक्त हो चुका है और वो घर जाना चाहती थी. उसने साफ कहा कि वो यहां नहीं रहती वो तो नीरू तिवारी के कहने पर आई है.

मुन्नी नाम की एक महिला ने बताया कि उसे भी एक घंटे के लिए बुलाया गया था. उसे कहा गया था कि कोई जरूरी काम है. लेकिन अब यहां पुलिस है और जांच हो रही है. उन्होंने भी साफ कहा कि वे यहां नहीं रहती हैं. संचालिका आरती ने मीडिया से कहा,”13 महिलाएं मौके पर हैं, कुछ महिलाएं काम से गई हुई हैं. हमने कोई गलत काम नहीं किया है. जांच से सब साफ हो जाएगा.”

सहायिका नीरू तिवारी ने कहा,”12 महिलाएं मौके पर हैं. कल महिलाएं मेरे साथ गई थीं. कल क्या हुआ मुझे नहीं पता, मैं मौजूद नहीं थी.” जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कहा,”ये साफ है कि ये सब गोरखधंधा अनुदान के लिए किया जा रहा था. मैंने रिपोर्ट शासन को भेज दी है. इनके अनुदान पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं, पूर्व में जारी किए गए अनुदान की भी जांच के लिए कहा है.”

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