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राहुल गांधी की बैठक में चंद्रबाबू नायडू की बहू ने लिया हिस्सा, क्या टीडीपी-कांग्रेस में होगा गठबंधन?

हैदराबाद। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू की बहू नारा ब्राह्मणी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंगलवार को हुई सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारियों) की बैठक में हिस्सा लिया. हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर इस बैठक में ब्राह्मणी, आंध्रप्रदेश के कैबिनेट मंत्री एन. लोकेश, टीजी भरत, टीडीपी सांसद टीजी वेंकटेश के बेटे और टीडीपी के करीबी माने जानेवाले कुछ उद्योगपतियों की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ब्राह्मणी के राहुल की बैठक में भाग लेने की खबर के बाद कांग्रेस-टीडीपी के साथ आने की अटकलें लगाई जा रही हैं. गौरतलब है कि 2019 में आंधप्रदेश में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव साथ-साथ होने हैं.

भरत ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने वादा किया है कि अगर वह केंद्र की सत्ता में आते हैं तो कांग्रेस पार्टी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी, जैसा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने 2014 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को अलग करने वक्त वादा किया था. टीडीपी ने विशेष राज्य की मांग पूरी नहीं होने पर मार्च में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. जाने माने तेलुगू फिल्म निर्माता डी. सुरेश बाबू भी इस बैठक में उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि सकारात्मक बातचीत हुई और राहुल गांधी की सोच और दृष्टि अच्छी है.

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ब्राह्मणी नायडू परिवार के स्वामित्व वाले हेरिटेज फूड लिमिटेट की कार्यकारी निदेशक हैं. ब्राह्मणी की शादी लोकेश से हुई है जो कि टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के बेटे हैं और आंधप्रदेश सरकार में आईटी मंत्री है. यह भी गौरतलब है कि आंधप्रदेश में कांग्रेस ही टीडीपी का मुख्य विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन की अटकलों पर टीडीपी नेताओं ने कहा, “टी. जी. वेंकटेश और जेसी दिवाकर रेड्डी दोनों जाने-माने उद्योगपति हैं. अगर उन्होंने एक सीईओ के तौर पर राहुल की बैठक में भाग ले लिया तो इसमें क्या गलत है. इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस और टीडीपी में कुछ पक रहा है.”

हालांकि ब्राह्मणी , टीजी भरत और जे पवन रेड्डी, राहुल की बैठक में ऐसे समय शामिल हुए हैं जब टीडीपी सुप्रीमो बीजेपी से नाता तोड़ चुके हैं. नायडू ने कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में 20 जुलाई को मंच शेयर किया था. जब टीडीपी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई तो कांग्रेस ने उसका समर्थन किया. टीडीपी ने उपसभापति के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया था.

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