प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आज यानि कि बुधवार को महाशिवरात्रि स्नान के बाद समापन हो जाएगा. महाशिवरात्रि के स्नान के बाद तंबुओं की नगरी से टेंट उखड़ने शुरू हो जाएंगे और कुछ ही दिनों में महाकुंभ क्षेत्र खाली हो जाएगा. जिसके बाद यहां गंगा-जमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन तो होगा, लेकिन श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ नहीं होगी. इसी आखिरी स्नान के बाद महाकुंभ क्षेत्र का एक ड्रोन वीडियो सामने आया है. जिसे देखकर आप भी भावविभोर हो जाएंगे.
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महाकुंभ में आखिरी दिन 2 बजे तक करीब 1.01 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. जिसके बाद महाकुंभ में स्नान करने वालों का आंकड़ा 66 करोड़ के पार पहुंच गया है. यानि कि इस वर्ष महाकुंभ में देश की आधी आबादी पुण्य की डुबकी लगा चुकी है.
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कुछ दिनों में खाली हो जाएगा महाकुंभ क्षेत्र
महाकुंभ को देखते हुए इस बार सरकार की तरफ से मेला क्षेत्र को अलग जिला बनाया गया था. जिसमें प्रयागराज के गंगा किनारे के कई गांवों को शामिल किया था. वहीं, अब महाशिवरात्रि के स्नान के बाद पूरा मेला क्षेत्र खाली होना शुरू हो जाएगा. पहले कल्पवासी यहां से अपना-अपना सामान लेकर जाएंगे. इसके बाद टेंट उखड़ना शुरू होगा और धीरे-धीरे मेला क्षेत्र में लगे खंभों, पांटून पुल, बिजली के तार और पानी सप्लाई के लिए लगाई गईं टोटी व पाइप को खोल लिया जाएगा.
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जुलाई-अगस्त में डूब जाता है कुंभ क्षेत्र का 98 प्रतिशत भाग
जुलाई अगस्त में जब गंगा में बाढ़ आती है तो कुंभ का 98 प्रतिशत हिस्सा डूब जाता है. वहीं, बाढ़ खत्म होने के बाद अक्टूबर-नवंबर से फिर माघ मेला की तैयारियां शुरू हो जाएंगी. क्योंकि प्रयागराज में हर वर्ष माघ मेला का भी आयोजन किया जाता है. माघ मेला का आयोजन मकरसंक्रांति से महाशिवरात्रि तक होता है.