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यूपी में आर. पी. एन. सिंह के पंजे ने थामा कमल, स्वामी प्रसाद मौर्य को हराने वाले ‘राजा साहेब’ ने छोड़ी कॉन्ग्रेस पार्टी

नई दिल्‍ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस के कद्दावर नेता रह चुके कुंवर रंजीत नारायण प्रताप सिंह (RPN Singh) के भाजपा से जुड़ने की खबरों के बीच उनका एक ट्वीट आया है। इस ट्वीट में उन्होंने अपने नए राजनीतिक करियर के आरंभ की बात कही है। उन्होंने अब भाजपा का दामन थाम लिया है।

उन्होंने लिखा, “आज जब पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनैतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूँ। जय हिंद।” इस ट्वीट के नीचे कई लोग उन्हें भाजपा में शामिल होने की बात कहकर पहले से बधाई दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने के लिए सराह रहे हैं।

इससे पहले आरपीएन सिंह ने अपने ट्वीट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भेजे गए अपने इस्तीफे की फोटो शेयर की थी। इस्तीफे में उन्होंने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को आभार दिया कि पार्टी ने उन्हें देश की सेवा करने का मौका दिया।

बता दें कि RPN सिंह कुशीनगर के रहने वाले हैं और राहुल गाँधी के करीबी कहे जाते हैं। वह मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री थे और उनका नाम कॉन्ग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल था। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी में रहते हुए तीन बार पडरौना विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। उन्होंने 4 दफा लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत 2009 में हाथ लगी। उस समय वह स्वामी प्रसाद मौर्य को हराकर लोकसभा पहुँचे थे। वह मनमोहन सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय राजमंत्री थे। साल 2014 में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा।

अब 2022 में उनके इस्तीफे के बाद कयास लग रहे हैं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह पडरौना से ही लड़ेंगे और स्वामी प्रसाद मौर्य के ख़िलाफ़ ही मैदान में उतरेंगे। अभी तक कॉन्ग्रेस में रहते हुए वह विधायक, केंद्रीय मंत्री पद पर रहने के अलावा झारखंड में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उत्तर प्रदेश यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी। वह पडरौना रियासत से ताल्लुक रखते हैं। वहाँ उन्हें राजा साहेब भी कहा जाता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के करीबी आरपीएन सिंह (RPN Singh) बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने आज (मंगलवार को) ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था. आरपीएन सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेंद्र प्रधान और अन्य नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. सूत्रों के मुताबिक, आरपीएन सिंह बीजेपी (BJP) के टिकट पर पडरौना (Padrauna) सीट से स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं.

बीजेपी में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह ने कहा कि कुछ ही सालों में हमारे पीएम मोदी ने प्राचीन संस्कृति को 21वीं सदी से जोड़कर राष्ट्र के निर्माण में जो कार्य किया है वो पूरा राष्ट्र सराह रहा है. मैं 32 साल तक एक पार्टी में रहा लेकिन अब वो पार्टी वैसी नहीं रही है. मैं एक छोटे कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्र के निर्माण के लिए कार्य करूंगा.

आरपीएन सिंह के बीजेपी में शामिल होने पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं आज तहे दिल से आरपीएन सिंह का पार्टी में स्वागत करता हूं. हमें अत्यंत प्रसन्नता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व को स्वीकारते हुए उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की.

नए अध्याय का आरंभ करेंगे आरपीएन सिंह

आरपीएन सिंह ने ट्वीट किया, ‘आज, जब पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनैतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूं. जय हिंद.’

आरपीएन सिंह ने सोनिया गांधी को लिखा पत्र

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र में लिखा कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं. मुझे राष्ट्र और पार्टी की सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद.

कांग्रेस ने लगाया ये आरोप

वहीं आरपीएन सिंह पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस की नेता सुप्रिया ने कहा कि कोई व्यक्ति बिल्कुल विपरीत विचारधारा वाली पार्टी में कैसे जा सकता है? आरपीएन सिंह कायर हैं.

गौरतलब है कि यूपी के कुशीनगर और आसपास के इलाके में आरपीएन सिंह का अच्छा खासा प्रभाव है. आरपीएन सिंह का बीजेपी में शामिल होना बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, आरपीएन सिंह पडरौना सीट पर स्वामी प्रसाद मौर्य को चुनौती दे सकते हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य हाल ही में बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं.

ओबीसी समाज से आते हैं आरपीएन सिंह

जान लें कि आरपीएन सिंह यूपी के कुशीनगर जिले के रहने वाले हैं. वो यूपीए सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. हैरानी की बात ये है कि यूपी चुनाव के लिए उनका नाम कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल था. आरपीएन सिंह ओबीसी समाज से आते हैं. वो पडरौना विधान सभा सीट से कांग्रेस पार्टी से 1996, 2002 और 2007 में विधायक भी रह चुके हैं. आरपीएन सिंह झारखंड कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं. इसके साथ ही वो यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह अब तक कांग्रेस में राष्ट्रीय प्रवक्ता और झारखंड के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे. आरपीएन सिंह केंद्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली सरकार में गृह राज्य मंत्री रहे. वो 2009-2014 तक उत्तर प्रदेश की कुशीनगर लोक सभा सीट से सांसद रहे. साल 2014 और 2019 के लोक सभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

आरपीएन सिंह का नाम अब कांग्रेस छोड़ने वाले उन प्रमुख युवा नेताओं की फेहरिस्त में जुड़ गया है जो कभी राहुल गांधी के करीबियों में शुमार किए जाते थे. इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद बीजेपी में शामिल हो गए तो सुष्मिता देव और अशोक तंवर जैसे कुछ नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया.

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