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दूसरे धर्म की लड़की होती तो राहुल गांधी करते पॉलिटिकल पिकनिक; अंकिता हत्याकांड पर बोले गिरिराज

नई दिल्ली। झारखंड के दुमका में अंकिता की हत्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है। भाजपा के सांसद और वरिष्ठ नेता निशिकांत दुबे ने यहां तक कहा है कि झारखंड में अफगानिस्तान से भी ज्यादा आराजकता है। केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने हेमंत सोरेन सरकार के साथ कांग्रेस पर भी सवाल उठाया और कहा कि यदि अंकिता दूसरे धर्म की होती और आरोपी किसी का धर्म कुछ और होता राहुल गांधी पॉलिटिकल पिकनिक कर रहे होते।

निशिकांत दुबे ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ”इतनी हैवानियत, ऐसा शैतान दिमाग मैंने अपने जीवन में नहीं देखा। एक लड़की को जबरदस्ती दोस्ती करने के लिए बाध्य करता है, जब लड़की दबाव में नहीं आती है तो उसे पेट्रोल छिड़कर जला देना, इसके बाद जो सरकार का रुख है वह अत्यंत दुखद है। सरकार और प्रशासन होती क्यों है, जब हम एक मासूम बच्ची की जान नहीं बचा पाते हैं। एक दिन में यह घटना नहीं होती है। इतना मनोबल यदि अपराधियों का बढ़ा हुआ हो तो कभी कभी लगता है कि लोकतंत्र का क्या मतलब है, सांसद होने का क्या मतलब है, पार्टी पॉलिटिक्स का क्या मतलब है। ऐसी आराजकता तो झारखंड में भी नहीं होगी।”
अंकिता हत्याकांड में पक्षपात करने के आरोपों से घिरे एसडीपीओ नूर मुस्तफा को लेकर दुबे ने कहा कि उनपर कई आरोप हैं। आदिवासी पर जुल्म करने के आरोपी जुल्फिकार नाम के आदमी को बचाने का प्रयास किया। शाहरुख को बचाने का प्रयास किया। लड़की बालिग है उसे नाबालिग ठहराने की कोशिश की, आरोपी बालिग है उसे नाबालिग बताने की कोशिश की। कई ऐसी चीजें हैं जो दिखाती हैं कि नूर मुस्तफा मुख्य दोषी है। सरकार ने इसे डिसमिस नहीं किया है, कोई और सरकार होती तो डिसमस करती। स्थानीय थाने को भी डिसमिस नहीं किया गया है।

निशिकांत ने कहा कि जब लड़की को जला दिया गया तो उसकी इलाज के लिए उन्होंने समुचित व्यवस्था सरकार ने नहीं की। कलकत्ता से बस मंगवाकर डैम में ये लोग मटन भात खाते रहे। हेमंत सोरेन की मां बीमार पड़ीं तो उन्हें एयर एंबुलेंस से  चार्टर प्लेन ले जाया गया। जिस दुमका से शिबू सोरेन एमपी रहे, आप उस बच्ची के लिए चार्टर प्लेन, हेलिकॉप्टर की की व्यवस्था नहीं कर सकते थे? क्या अपने परिवार के लिए है सबकुछ, आम जनता के लिए कुछ नहीं? एक छोटी बात पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका का ट्वीट आ जाता है। लेकिन इस घटना पर प्रभारी अविश्वान पांडे का भी ट्वीट नहीं है। सीएम ने भी परिवार से मिलने का प्रयास नहीं किया। यह दिखाता है कि कांग्रेस के लिए वोट बैंक की राजनीति सर्वोपरि है। यदि लड़का मुसलमान होता तो ज्यादा कार्रवाई होती। अभी संथाल परगना में बरहैत और दुमका में उपचुनाव हो सकता है तो उसको जीतने के लिए मुसलमान वोट की आवश्यकता है इस कारण मुख्यमंत्री और कांग्रेस एक मासूम लड़की की मौत को भी राजनीति का साधान बना रहा है।

गिरिराज सिंह भी बरसे

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ”दूसरे धर्म की लड़की होती, लड़के दूसरे होते, आज वहां पर पॉलिटिकल पिकनिक राहुल गांधी भी मना रहे होते और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी रहते। अंकिता और उसके परिवार के लोग पहले से शिकायत कर रहे थे और सरकार की नींद खुलती तुष्टिकरण से तो उसकी जान नहीं जाती। जब उसके ऊपर यह घटना हुई वह जीवन और मौत से जूझ रही थी। हेमंत सरकारी जश्न मना रही थी, पिकनिक कर रही थी। वह अपनी सरकार बचाने के लिए ले गए लेकिन अंकिता की जान गई तो सरकार की अनदेखी की वजह से। यदि उसे एयरएंबुलेंस से ले गए होते तो बच जाती। यदि उसकी शिकायत पर ध्यान दिया गया होता तो घटना नहीं होती है। प्रेशर के कारण उस लड़के की गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन जो प्रदर्शनकारी और उसके परिजन कह रहे हैं उन्हें जेल में बंद कर रहे हो। प्रदर्शन करने से क्यों मना कर रहे हैं?”

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