
राज्य भंडारण निगम के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ मंडल के अधीनस्थ अन्य गोदामों में भारी मात्रा में किए गए गबन और भ्रष्टाचार का मूल्यांकन किया जाए तो यह धनराशि विगत कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ देगी और प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी के कार्यकाल में खाद्यान्न घोटाला एक नया कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है।
अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री बी एल मीणा के संज्ञान में समस्त जानकारी होने के बाद उनके द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाना इस बात का स्पष्ट संदेश है कि राज्य भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी की पहुंच बहुत ऊपर तक है और घोटाले पर घोटाले करने के बाद भी भंडारण निगम के किसी भी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कार्यवाही करने से कतरा रहा है ।
भारतीय खाद्य निगम से मिली जानकारी के अनुसार सीतापुर के पिहानी डिपो में लगभग 1100 बोरे खाद्यान्न की हेराफेरी सामने आई है जिसका संभावित मूल्य लगभग 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि का होगा। पूर्व में दिसंबर 2021 में सीतापुर के नेरी कला केंद्र पर 5 करोड़ की धनराशि का खाद्यान्न घोटाला हुआ था लेकिन राज्य भंडारण निगम के किसी भी अधिकारी कर्मचारी पर कार्यवाही नही हुई बल्कि इस घोटाले की धनराशि को उत्तर प्रदेश सरकार के सरकारी कोष से भरपाई की गई है। राज्य भंडारण निगम का सूरतें हाल यही रहा तो अन्य जिलों से भी करोड़ो के खाद्यान्न घोटाला देखने को मिलेगा।