Thursday , June 20 2024

PFI-RSS को ‘एक ही थाली के चट्टे-बट्टे’ बोल, दिग्गी राजा ने मार लिया एक और सेल्फ गोल?

ग्वालियर/नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अपने बयानों से कई बार न सिर्फ खुद को, बल्कि अपनी पार्टी को भी मुश्किलों में डालते रहे हैं. कांग्रेस लीडरशिप इस समय अपने मुख्य प्रतिद्वंदी राजनीतिक पार्टी बीजेपी पर तो हमलावर है ही, आरएसएस पर भी निशाना साथ रही है. अभी कांग्रेस पार्टी ने पुरानी ड्रेस के बहाने आरएसएस को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जो उल्टा पड़ता नजर आया, तो अब दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की तुलना पीएफआई जैसे संगठन के साथ कर दी है. यही नहीं, दिग्गी राजा ने दोनों को ‘एक ही थाली का चट्टा-बट्टा’ करार दे दिया और मांग कर डाली है कि अगर पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो आरएसएस के खिलाफ भी क्रैकडाउन हो. क्योंकि दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं.

पीएफआई-आरएसएस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे!

दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है तो संघ और वीएचपी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने इस बात पर अपना तर्क देते हुए कहा कि ,’जो कोई भी नफरत, धार्मिक उन्माद फैलाता है, वे एक ही तरह के होते हैं. ‘एक ही थाली के चैट-बट्टे हैं.’ वे एक-दूसरे के पूरक हैं.’ सुन लीजिए, क्या कुछ कहा है दिग्विजय सिंह ने…

टंच माल से हिटलर, भगवा आतंकवाद…

दिग्विजय सिंह कई बार अपने बयानों को लेकर अपनी पार्टी को भी असहज करते रहे हैं. केंद्र में उनकी सरकार थी, तो बटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जांच की मांग कर दी थी. वो हिंदुत्व को आतंकवाद से जोड़ चुके हैं, तो अपनी ही पार्टी की नेत्री को ‘टंच माल’ जैसी संज्ञा दे चुके हैं. यही नहीं, वो दुर्दांत वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन को लेकर भी आंसू बहा चुके हैं और ‘जी’ संबोधन के साथ उसे सम्मान दे चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिटलर कह चुके हैं, तो भगवा को आतंकवाद से भी जोड़ चुके हैं. उनके अधिकांश बयानों का बचाव खुद पार्टी तक करने से पीछे हट जाती है.

पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई जारी

बता दें कि पीएफआई पर आतंकवाद जैसे गंभीर आरोपों में पूरे देश में कार्रवाई हो रही है. एनआईए पीएफआई के बड़े नेताओं और उसके ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार कर रही है. तमाम आपत्तिजनक दस्तावेज मिल चुके हैं. हिंसा के आरोपों में भी पीएफआई पर कार्रवाई हो रही है. ऐसे में दिग्विजय सिंह की ये ताजी ‘टिप्पणी’ कहीं कांग्रेस और खुद उनके लिए भी बैकफायर न कर जाए, ये देखने वाली बात होगी.

साहसी पत्रकारिता को सपोर्ट करें,
आई वॉच इंडिया के संचालन में सहयोग करें। देश के बड़े मीडिया नेटवर्क को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर इन्हें ख़ूब फ़ंडिग मिलती है। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें।

About I watch