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आजम खान का BJP में शामिल हुए करीबियों पर तंज, कहा- ‘अब्दुल’ अब वहां पोछा लगाएगा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan) ने उनका साथ छोड़कर बीजेपी (BJP) में शामिल हो रहे लोगों पर तंज करते हुए कहा है कि आगामी आठ दिसंबर को रामपुर विधानसभा उपचुनाव (Rampur Bypoll) के नतीजे घोषित होने के बाद ‘अब्दुल’ बीजेपी के यहां पोछा लगाएगा. आजम खान ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नालापार इलाके में सोमवार रात एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बगैर कहा कि अब्दुल (मुसलमान तबका) अब दरी नहीं बिछाएगा और यह कह कर वो मेरा साथ छोड़ कर चला गया. वह जब आया था तब मैंने उसके लिए रेड कारपेट बिछाया था. याद रखो आठ दिसंबर (उपचुनाव का नतीजा घोषित होने की तारीख) के बाद अब्दुल बीजेपी के यहां पोछा लगाएगा.

आजम खान ने बीजेपी पर जमकर साधा निशाना
आजम खान ने कहा कि जितने भी ठेकेदार और मालदार थे वह अपनी जमीनों का अपनी जायदाद का हिसाब नहीं दे पाए इसलिए वह सब चले गए. जितने भी गद्दार थे, सब चले गए और अब सिर्फ वफादार रह गए हैं. पूर्व मंत्री ने बीजेपी के मंचों पर नजर आ रहे कुरैशी समुदाय के कुछ लोगों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों पर गोकशी के 50-50 मुकदमे दर्ज हैं, वे आज बीजेपी के मंच पर विराजमान हैं. आखिर कहां गई बीजेपी की गाय के प्रति वह मोहब्बत.

आजम खान ने उपस्थित जनसमूह पर नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि मैंने तुम लोगों के लिए क्या नहीं किया, मगर तुमने लोकसभा उपचुनाव में हमारे उम्मीदवार आसिम राजा को हराकर हमारे साथ धोखा किया. आजम खान ने आगे कहा कि रामपुर इस वक्त सियासत के बदतरीन दौर से गुजर रहा है और एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां तुम्हारी एक गलती मेरी 50 साल की मेहनत को मटियामेट कर देगी.

अगली पांच दिसंबर को तुम्हारे पास दो रास्ते होंगे. पहला, आसिम राजा को वोट देकर अपनी तरक्की और खुशहाली को चुन लो या फिर उन्हें हराकर अंधेरों में डूब जाओ. उन्होंने मतदाताओं से किसी भी प्रकार के बहकावे में ना आने की अपील करते हुए कहा कि एक बहुत बड़ी साजिश चल रही है. इसका अंजाम तुम नहीं जानते.

‘रामपुर में जो तरक्की हुई वह मेरी मेहनत’
पूर्व मंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि मैंने आपके लिए क्या नहीं किया. न जाने कितने जुल्म सहे. सिर्फ आपके लिए… क्या सिर्फ यही मेरा कुसूर है. क्या सियासत इतनी गलीज हो सकती है. हालत यह है कि हम सब कुछ होते हुए भी अदालत में अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए. जेल मेरा इंतजार कर रही है. उन्होंने कहा कि जो 1980 में रामपुर में सिर्फ महल और किला था. उसके बाद से लेकर आज तक रामपुर में जो भी तरक्की हुई है वह मेरी मेहनत है. चाहे वह पक्की सड़कें हों, गलियां हो, पार्क हों या कारखाने हों.

गौरतलब है कि नफरत भरा भाषण देने के मामले में इस महीने के शुरू में आजम खान को तीन साल की सजा सुनाए जाने के कारण उनकी सदस्यता रद्द होने के चलते रामपुर विधानसभा सीट खाली हुई है. इस सीट के उपचुनाव के तहत आगामी पांच दिसंबर को मतदान होगा. परिणाम आठ दिसंबर को घोषित होगा. सपा ने इस उपचुनाव में आसिम राजा को उम्मीदवार बनाया है जबकि बीजेपी ने आकाश सक्सेना को टिकट दिया है.

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