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यूक्रेन की उप विदेश मंत्री की भारत को नसीहत, पाकिस्तान और चीन का नाम लेकर कही ये बात

नई दिल्ली।  यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन झापरोवा भारत के चार दिवसीय दौरे पर हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद किसी यूक्रेनी मंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा है. इस बीच एमिन झापरोवा ने चीन और पाकिस्तान के बहाने भारत को नसीहत दे दी है.

एमिन झापरोवा ने कहा, “भारत को भी पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान से दिक्कतें हैं. क्रीमिया प्रकरण भारत के लिए एक सबक है. जब भी किसी को गलती की सजा नहीं दी जाती है और उसे रोका नहीं जाता है, तो यह और बड़ा हो जाता है.” यूक्रेन के उप विदेश मंत्री का यह इशारा पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ चल रहे तनाव और पाकिस्तान के साथ क्षेत्रीय विवादों की ओर था. कई दौर की बातचीत के बाद भी पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिक अक्सर यथास्थिति बदलने की कोशिश करते हैं.

ICWA में राजनयिक कॉर्प्स, पूर्व राजदूतों और पत्रकारों से बात करते हुए एमिन झापरोवा ने कहा, “मैं भारत के लिए यहां एक मैसेज लेकर आई हूं. यूक्रेन चाहता है कि दोनों देश करीब आएं. यह बात सही है कि हमारे बीच एक इतिहास रहा है. हमने 90 के दशक से ही पाकिस्तान के साथ सैन्य कारोबार किया. लेकिन इससे भारत के साथ संबंधों पर असर नहीं पड़ना चाहिए. मैंने अपनी इस यात्रा से भारत का दरवाजा खटखटाया है. हम भारत के साथ एक नया रिश्ता शुरू करना चाहते हैं.”

क्या है क्रीमिया प्रकरण

पिछले साल यूक्रेन पर आक्रमण करने से आठ साल पहले 2014 में रूस ने पूर्वी यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था. 2016 में भी यूक्रेन को यह पता चल गया था कि रूस यूक्रेन पर एक बड़े हमले की तैयारी कर रहा है. क्योंकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीमा पर सेना शिविरों का निर्माण करने का आदेश दिया. इसके अलावा पुतिन ने वहीं बयानबाजी फिर से शुरू कर दी थी, जो क्रीमिया पर कब्जा करने से पहले करते थे.

भारत रूस से रियायत कीमतों पर भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है. इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए एमिन झापरोवा ने कहा कि यूक्रेन भारत से यह अनुरोध करने की स्थिति में नहीं है कि वह अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों को कैसे बनाए रखता है. हालांकि, उन्होंने  कहा कि इस युद्ध में भारत का रूस की ओर झुकना इतिहास के गलत निर्णयों में से एक है.

अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध के बावजूद भारत सस्ता रूसी तेल खरीद रहा है. भारत इस पर कहता आया है कि भारत अपनी जरूरत के हिसाब से तेल खरीद रहा है. जहां भी अच्छा सौदा मिलेगा वहां से हम खरीदेंगे.

भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को न्योता

झापरोवा ने आगे कहा, “कई बार आप कुछ करना चाहते हैं लेकिन नहीं कर सकते … मेरी यह यात्रा भारत के साथ बेहतर संबंधों के लिए दोस्ती की निशानी है. लेकिन इसके लिए पारस्परिकता जरूरी है.” उनका इशारा इस ओर था कि दोस्ती के लिए दोनों देशों के नेताओं को यात्रा करनी होगी.

भारत को ‘विश्वगुरु’ से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी आध्यात्मिक शिक्षण का संदेश ही न्याय होता है. लेकिन कई ऐसे भी देश होते हैं, जो युद्ध को चुनते हैं. इस युद्ध को समाप्त कराने में भारत को बड़ी भूमिका निभानी चाहिए. हमने उस वक्त मिंस्क समझौते पर हस्ताक्षर किया क्योंकि हम उस समय कमजोर थे. लेकिन इस बार हमें यह स्वीकार्य नहीं होगा.

मिंस्क यूरोपीय देश बेलारूस की राजधानी है. यूक्रेन के डोनबास इलाके में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए 2014 में यूक्रेन, रूस और यूरोपीय संस्था ओएससीई के बीच एक समझौता हुआ था.

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