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कोई भी इंडियन क्रिकेट खिलाड़ी नहीं पहन पाएगा 7 नंबर जर्सी: पूर्व कप्तान से है कनेक्शन, MS धोनी के कारण IPS अधिकारी को जेल

MS धोनी, 7 जर्सीभारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही अगस्त 2020 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वो अपनी फैन फॉलोविंग के कारण चर्चा में बने रहते हैं। IPL में वो CSK (चेन्नई सुपर किंग्स) के कप्तान भी हैं, उन्होंने 2023 में अपनी टीम को ट्रॉफी जिताई भी। कहा जा रहा है कि 2024 में वो अपना अंतिम IPL टूर्नामेंट खलेंगे। अब खबर आ रही है कि MS धोनी की ‘7’ नंबर की जर्सी को रिटायर कर दिया गया है। वहीं एमएस धोनी की याचिका पर IPS अधिकारी संपत कुमार को जेल हो गई है।

रिटायर की गई 7 नंबर की जर्सी

MS धोनी की 7 नंबर की जर्सी को रिटायर कर दिया गया है, ठीक उसी तरह जैसे पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की 10 नंबर की जर्सी को BCCI ने रिटायर कर दिया है। जो नए खिलाड़ी आ रहे हैं और जो अभी खेल रहे हैं, उन्हें कह दिया गया है कि वो 7 नंबर की जर्सी न पहनें, क्योंकि इसे महेंद्र सिंह धोनी पहना करते थे। BCCI ने क्रिकेट में एमएस धोनी के योगदान को देखते हुए ये निर्णय लिया है। ICC सामान्यतः 1 से 100 के बीच किसी भी नंबर को चुनने की आज़ादी देता है, लेकिन भारत में 7 और 10 नंबर रिटायर है।

भारतीय क्रिकेट में अभी 60 ऐसे खिलाड़ी हैं जो ‘रेगुलर’ और ‘कंटेन्शन’ की श्रेणी में रखा गया है। अगर कोई खिलाड़ी एकाध वर्ष बाहर रहा है फिर भी उसका जर्सी नंबर किसी और को नहीं दिया जाता। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समझाया कि अगर कोई खिलाड़ी डेब्यू कर रहा है, तो उसके पास भी चुनने के लिए 30 नंबर तो बचते ही हैं। हाल ही में डेब्यू यशस्वी जायसवाल 19 नंबर चाहते थे, क्योंकि इसी नंबर से वो ‘राजस्थान रॉयल्स’ में खेलते हैं। हालाँकि, ये नंबर दिनेश कार्तिक को अलॉट है इसीलिए उन्हें 64 नंबर मिला। शुभमन गिल को उनके फेवरिट 7 की जगह 77 मिला।

MS धोनी की शिकायत पर IPS अधिकारी संपत कुमार को जेल

मद्रास हाईकोर्ट ने IPS अधिकारी संपत कुमार को 15 दिनों के लिए जेल भेज दिया है। उनके खिलाफ MS धोनी ने अदालत की अवमानना का केस किया था। हालाँकि, इस सज़ा को 30 दिनों के लिए निलंबित रखा गया है ताकि संपत कुमार इसके खिलाफ अपील करने के लिए समय ले सकें। संपत कुमार पर धोनी ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के अलावा सीनियर काउंसलों पर झूठे आरोप लगाने का आरोप है। मामला 2014 के IPL बेटिंग स्कैम से जुड़ा है।

17 दिसंबर, 2021 को संपत कुमार ने धोनी द्वारा दायर की गई मानहानि की याचिका को लेकर लिखित बयान दाखिल किया था। उन पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के खिलाफ अवज्ञापूर्ण बयान देने के आरोप हैं। बकौल धोनी, संपत कुमार ने कहा था कि कोर्ट ने कानून के हिसाब से काम नहीं किया और 2013 के मैच फिक्सिंग आरोपों की जाँच के लिए गठित मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट को बिना कारण सीलबंद रख दिया। CBI अधिकारी विवेक प्रियदर्शिनी को ये सीलबंद लिफाफा न देने के पीछे भी संपत कुमार ने ‘सुप्रीम कोर्ट की मंशा’ को जिम्मेदार ठहराया था।

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