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कौन हैं आईआईटी बीएचयू गैंगरेप में शामिल युवक, गिरफ्तारी पर भी सपा-कांग्रेस क्यों इतना हमलावर?

बीएचयू आईआईटी में हुई सनसनीखेज वारदात के दो महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घटना में शामिल तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों की पहचान सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस प्रदेश सरकार और भाजपा पर हमलावर हो गई हैं। सपा और कांग्रेस का आरोप है कि लगातार तीनों को बचाने की कोशिश होती रही। अखिलेश यादव ने तो तीनों की गिरफ्तारी पर यहां तक कहा कि यही भाजपा की असलियत है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मेरी बात बिल्कुल सच साबित हुई है। मुझे निशाना बनाते हुए एफआईआर भी दर्ज कर दी गई थी। लगातार छात्र छात्राएं इसे लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। अब दबाव बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

एक नवंबर को बीएचयू में आईआईटी से बीटेक कर रही छात्रा देर रात हॉस्टल से वॉक पर निकली थी। इसी दौरान उसका दोस्त भी मिल गया और दोनों साथ चलने लगे। आईआईटी के पिछले हिस्से में स्थित करमनबीर बाबा मंदिर से थोड़ा पहले बुलेट सवार तीन युवक पहुंचे और दोनों को पकड़ लिया। तीनों युवकों के पास असलहे थे। जिनके बल पर तीनों ने छात्र और छात्रा को धमकाया, मोबाइल छीन लिया। छात्रा का मुंह दबाकर अलग ले गए और अश्लील हरकतें कीं।

छात्रा के कपड़े उतरवाए और वीडियो बनाया। उसके साथ गैंगरेप किया। आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। छात्रा वहां से भागकर एक प्रोफेसर के आवास में घुस गई और किसी तरह जान बचाई। यहां से उसे सुरक्षाकर्मियों तक पहुंचाया गया। अगले ही दिन से बीएचयू में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस प्रशासन ने किसी तरह छात्रों को शांत कराया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

कांग्रेस ने भी एक्स पर तीनों की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि 2 महीने पहले BHU के कैम्पस में एक छात्रा का गैंगरेप हुआ। इस मामले को पहले दबाने की कोशिश की गई, जब दबाव बना तो जैसे-तैसे यूपी पुलिस ने FIR लिखी। अब 60 दिन बाद इस घटना में शामिल 3 लोग पकड़े गए हैं। ये सभी BJP के पदाधिकारी हैं। गिरफ़्तारी में देरी शायद इन वजहों से हुई होगी। ये सभी BJP के वरिष्ठ नेताओं के बेहद करीबी हैं। BJP में इतनी अच्छी पकड़ है कि PM मोदी से सीधे मिलते हैं। BJP IT सेल में अच्छी पोजिशन पर हैं। यही है BJP का चाल चरित्र चेहरा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीनों की तस्वीर पोस्ट कर भाजपा पर हमला बोला है। अजय राय का कहना है कि तीनो गैंगरेप के आरोपी मे कुणाल पाण्डेय बीजेपी आईटी सेल वाराणसी का संयोजक है। इसकी तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और बीजेपी के बड़े बड़े नेताओ के साथ है। दूसरा आरोपी सक्षम पटेल बीजेपी का पदाधिकारी और वर्तमान काशी प्रांत अध्यक्ष दिलीप पटेल का सहयोगी और करीबी है।

अजय राय ने कहा कि उसी समय आरोपियो को बचाने के पीछे बीजेपी पर अंगुली उठाई थी जिसे लेकर बीजेपी छात्र ईकाई ने विरोध किया और फर्जी मुकदमा मुझ पर दर्ज करा दिया। अजय राय ने कहा दक्षिण भारत की बेटी के साथ गैंगरेप के दो महीने बाद तक तीनों आरोपियों को खुला छोड़ दिया गया था। घटना के बाद जिस तरह से शासन प्रशासन इस घटना को छिपाने का प्रयास कर रह था तभी मैने आशंका जाहिर की थी कि ऐसी बड़ी घटना को छिपाने के पीछे बीजेपी के लोग हैं।

अजय राय ने कहा कि इस घटना के खिलाफ लगातार बीएचयू के छात्र-छात्राओ ने आन्दोलन चलाया। इस आन्दोलन को दबाने के लिए छात्र-छात्राओ पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया, लेकिन पीड़िता ने और कांग्रेस के लोगो ने मीडिया से लेकर सड़क तक हमेशा इसके खिलाफ आवाज उठाये रखी। हमारे प्रवक्ता संजीव सिंह ने लगातार विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर इस घटना को उठाए रखा। इसी का परिणाम है कि सच आज सामने है।

भाजपा का सच सामने आ गयाः अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीनों आरोपियों की फोटो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ये हैं भाजपा के दिग्गज नेताओं की छत्रछाया में सरेआम पनपते और घूमते भाजपाइयों की वो नयी फसल, जिनकी ‘तथाकथित ज़ीरो टॉलरेंस सरकार’ में दिखावटी तलाश जारी थी लेकिन पुख़्ता सबूतों और जनता के बीच बढ़ते गुस्से के दबाव में भाजपा सरकार को आख़िरकार इन दुष्कर्मियों को गिरफ़्तार करना ही पड़ा, ये वही भाजपाई हैं जिन्होंने बीएचयू की एक छात्रा के साथ अभद्रता की सभी सीमाएँ तोड़ दी थीं।

अखिलेश ने कहा कि देशभर की एक-एक नारी देख रही है कि भाजपा नारी-सम्मान के साथ कैसा मनमाना खिलवाड़ कर रही है और महिला अत्याचार, उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपियों को बचा रही है। आगामी चुनाव में महिलाएँ भाजपा को एक भी वोट नहीं देंगी। महिलाएँ ही भाजपा की हार का कारण बनेंगी>अखिलेश ने पूछा  कि क्या नारी के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले भाजपाइयों को खुली छूट जारी रहेगी।

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